अनुच्छेद 94 - Page 161

142 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

[ (डॉ. अम्बेडकर के सभी उपरोक्त 4 संशोधन स्वीकृत हुए अन्य रद्द हो गये। यथा संशोधित रूप में अनुच्छेद 92 संविधान में शामिल किया गया।) ]

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अनुच्छेद 93

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँ

‘‘कि अनुच्छेद 93 के खण्ड (1) में ‘भारत के राजस्व’ के स्थान पर ‘भारत की संचित निधि’ शब्द रखे जायें।’’

[ (संशोधन स्वीकृत हो गया। अनुच्छेद 93 यथा संशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया।) ]

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अनुच्छेद 94

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘कि अनुच्छेद 94 के स्थान पर, निम्न अनुच्छेद रख दिया जायेः-

‘94 (1) लोक सभा द्वारा अनुच्छेद 113 के अधीन अनुदान किये जाने के बाद, यथा शोध विनियोजना बिल भारत की संचित निधि में से संभाल कर के विनियोजन संबंधी विधायक लाभ जाएगा)ः

(क) लोक सभा द्वारा इस प्रकार किये गये अनुदानों की, तथा

(ख) भारत की संचित निधि पर भारित, किन्तु संसद के समक्ष पहले रखे गये विवरण में दी हुई राशि में से किसी भी अवस्था में अनाधिक व्यय की, पूर्ति के लिये अपेक्षित सब धनों के विनियोजन के लिये विधेयक पुरःस्थापित किया जायेगा।

(2) इस प्रकार किये गये किसी अनुदान की राशि में बदलाव करने, अथवा अनुदान के लक्ष्य को बदलने, अथवा भारत की संचित निधि पर भारित व्यय की राशि पर बदलाव करने का प्रभाव रखने वाला कोई संशोधन, ऐसे किसी विधेयक पर, संसद के किसी सदन में प्रस्थापित नहीं किया जायेगा तथा कोई संशोधन इस खंड के अधीन अप्रवेश्य है या नहीं, इस बारे में पीठासीन व्यक्ति का विनिश्चय अंतिम होगा।

(3) अगले दो अनुच्छेदों के उपबन्धों के अधीन रहते हुए, भारत की संचित निधि में से इस अनुच्छेद के उपबन्धों के अनुसार पारित विधि द्वारा किये गये विनियोजन के अधीन निकालने के अतिरिक्त और कोई धन नहीं निकाला जायेगा।’’

जैसा कि मैंने कल स्पष्टीकरण किया था, इस अनुच्छेद 94 का उद्देश्य पुराने अनुच्छेद