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मतदान से विमुक्त, जैसा कि पिछले अनुच्छेद में लिखा है। यदि इसका यही आशय है.....
माननीय डॉ. बी.आर.अम्बेडकरः ऐसा नहीं हो सकता है।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः अनुच्छेद 93 में लिखा है....
श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः यदि इससे माननीय सदस्य की समझ में बात आ जाये, तो हम ऐसे कह सकते हैं कि विनियोजन अधिनियम से पूर्व तक संचित निधि विधेयक अधिनियम संख्या 1 होगा, जिसमें मुख्य रूपरेखा होगी।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या संचित निधि विधेयक संख्या 1 में भी भारित और अभारित राशियाँ और मतदान के योग्य तथा मतदान से विमुक्त राशियां सब समाविष्ट होंगी, या मतदान के योग्य राशियाँ ही होंगी।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः भारित राशियाँ तो केवल अंतिम विनियोजन अधिनियम में ही होती है। मतदान के योग्य लेखे में वे चीजें होती हैं, जिन्हें हाउस ऑफ कामन्स की पारिभाषिक भाषा में ‘सप्लाई सेवाएं’ कहा जाता है जो राजस्व पर भारित सेवाओं से भिन्न होती हैं।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः अनुच्छेद में लिखा है कि अनुच्छेद 93 और 94 के उपबन्धों की पूर्ति करनी होगी।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अनुच्छेद 93 और 94 का अर्थ है, विनियोजन अधिनियम पर मतदान।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः अनुच्छेद 93, प्रथम भाग, में लिखा है कि भारित राशियों को वहाँ दिखाया जायेगा और दूसरे भाग में लिखा है कि मतदान के योग्य राशियों को सदन में उपस्थित किया जायेगा। मैं जानना चाहता हूँ कि क्या ये दोनों प्रकार की राशियाँ मतदान के लेखे पर लागू होंगी।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अनुच्छेद 93 में लिखा है कि भारत के राजस्व पर भारित सेवाओं पर सदन का मत लेना अपेक्षित नहीं है।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः किन्तु, उन्हें विनियोजन अधिनियम में तो दिखाना ही होगा।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जब वह पारित हो जायेगा। उसे ही संचित निधि अधिनियम प्रथम कहते हैं।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः अनुच्छेद 94 तो संचित निधि अधिनियम के बारे में नहीं है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वही विनियोजन अधिनियम भी है। जैसा कि मैं