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सहायता प्राप्त करने का अधिकार होगा, यदि केवल दो या अधिक राज्य मिल जाते हैं और संकल्प भेजते हैं। अनुच्छेद 229 के उप-खण्ड (1) में अन्य परिवर्तन इस मुख्य संशोधन के आनुषंगिक मात्र हैं_ अर्थात् शक्ति को केवल तभी सहायतार्थ काम में लिया जा सकता है जबकि दो अथवा अधिक राज्य चाहें न कि एक राज्य।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मेरे मित्र श्री सन्थानम् ने जो प्रश्न उठाया है, उसको मैंने ठीक समझ लिया है, पर मेरा विचार है कि उन्होंने उप-खण्ड (2) को सावधानी से नहीं पढ़ा। महत्त्वपूर्ण शब्द उसी तरीके से हैं, जिससे कि राज्य के विधानमंडल, जिनके हित में यह विधान उसी रूप में पारित किया जाता है, अर्थात् संकल्प द्वारा यदि इस बात से सहमत हैं कि उस विधान का संशोधन अथवा निरसन किया जाए, तो संसद को ऐसा करना पड़ेगा।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः संशोधित किया जा सकता है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः किया जा सकता है का अर्थ किया जाएगा है। ऐसी कोई कठिनाई नहीं है।
¹डॉ. अम्बेडकर का संशोधन स्वीकार किया गया। यथासंशोधित अनुच्छेद 229 संविधान में जोड़ा गया।ह्
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अनुच्छेद 230
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 230 में फ्किसी राज्य अथवा उसके किसी भाग मेंय् शब्दों के स्थान पर फ्सम्पूर्ण भारत अथवा उसका कोई भी क्षेत्रय् शब्द प्रतिस्थापित कर दिए जाएँ।य्
(बिना किसी चर्चा के संशोधन स्वीकृत हुआ। यथासंशोधित अनुच्छेद संविधान में जोड़ा गया।)
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अनुच्छेद 231
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 2788 के निर्देश से अनुच्छेद 231 के
* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 13 जून, 1949, पृ. 811
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