168 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
होता तो, राज्य के मामूली कर्त्तव्यों के पालन में खर्च होता, वहाँ उस राज्य
द्वारा किए गए अतिरिकत खर्चों के बारे में भारत सरकार द्वारा उस राज्य को
ऐसी राशि दी जाएगी जो करार पाई जाए अथवा करार के अभाव में, जिसे
भारत के मुख्य न्यायाधिपति द्वारा नियुक्त मध्यस्थ निर्धारित करे।ह्
[ संशोधित रूप में अनुच्छेद 234 संविधान में प्रविष्ट किया गया। संशोधन स्वीकार किया गया। ]
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अनुच्छेद 238
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं औपचारिक रूप से संशोधन संख्या 2807 पेश करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 238 के परन्तुक में, संघ के साथ इस प्रकार के राज्य द्वारा उस पक्ष
में की गई किसी प्रकार की शर्तों के अन्तर्गतय् शब्दों के स्थान पर फ्भारत राज्य
सरकार अथवा भारत सरकार अथवा इस संविधान के अनुच्छेद के अन्तर्गत संसद
द्वारा बनाए गए किसी कानून के अन्तर्गत उस पक्ष मेंं किए गए किसी तंत्र अथवा
करार की शर्तों के अन्तर्गतय् शब्द रख दिए जाएं।
मैं आगे और प्रस्ताव पेश करता हूँः
फ्(1) किसी संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 2807 के निर्देश से अनुच्छेद
238 के खण्ड (2) में ‘कानून द्वारा’ शब्द के पश्चात् ‘संसद द्वारा बनाए
गए’ शब्द प्रविष्ट किए जाएं।
(2) कि संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 2807 के निर्देश से अनुच्छेद
238 का परन्तुक अपमार्जित किया जाए।य्
(संशोधन स्वीकार किया गया। संशोधित रूप में अनुच्छेद 238 संविधान में जोड़ा गया।)
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अनुच्छेद 239
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 13 जून, 1949, पृ. 813
+ पूर्वोक्त पृष्ठ 813
++ पूर्वोक्त पृष्ठ 814-15