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के आपराधिक क्षेत्राधिकार को और विस्तृत करे, तो मेरी समझ से तो हमें इस बात पर विश्वास और भरोसा कर लेना चाहिए। पर यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही हो जाए तो
खण्ड (2) के प्रावधान के अभाव में यहाँ क्या स्थिति होगी? स्थिति यह होगी कि उस हालत में हमें, उस प्रक्रिया के अनुसार जिसे एतदर्थ हम किसी आगामी भाग मेंं रखना चाहते हैं, इस संविधान में संशोधन करना पड़ेगा। इसलिए सवाल यह उठता है कि क्या करना ठीक होगा? क्या यह ठीक होगा कि इस प्रावधान को ऐसा कठोर बनाया जाए कि संविधान में बिना संशोधन किए संसद को भी यह अधिकार न रहे कि इस सम्बन्ध में वह कोई परिवर्तन कर सके या यह ठीक होगा कि संसद को इस सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति देकर समय, स्थिति और कैसा कानून बने, इन सब बातों को संसद पर छोड़ दिया जाए - इस प्रावधान को लचीला बनाया जाए?
माननीय श्री के. सन्थानम् (मद्रासः जनरल)ः मैं यह बताऊँ कि अनुच्छेद 114 के अधीन, उच्चतम न्यायालय को क्षेत्राधिकर देने की शक्ति संसद की है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अनुच्छेद 114, मेरा खयाल है, उस विषय से सम्बन्ध नहीं रखता है। मेरे पास उसकी प्रति नहीं है, वरना मैं उत्तर में सब कुछ बता देता। यह अनुच्छेद तो संघ-सूची के सम्बन्ध में है।
माननीय श्री के. सन्थानम्ः संघ-सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में जो क्षेत्राधिकार उच्चतम न्यायालय को प्राप्त है, उसी की चर्चा इस अनुच्छेद में है।
माननीय डॉ. बी.आर. अमबेडकरः हाँ, यह अनुच्छेद उक्त क्षेत्राधिकार के सम्बन्ध में ही है। पर मान लीजिए सहगामी सूची के सम्बन्ध में यदि उच्चतम न्यायालय के क्षेत्राधिकार को विस्तृत करना हो तो इसके लिए अनुच्छेद 114 का उपयोग तो नहीं किया जा सकता है।
अब, श्रीमान्, मैं उन बातों को लेता हूँ जो माननीय मित्र श्री अल्लादि कृष्णास्वामी ने इसके सम्बन्ध में कही है। उनकी आलोचनाएं अधिकतर उप-खण्ड (ग) के सम्बन्ध में है। पहली आपत्ति उनकी यह है कि उप-खण्ड (ग) की उपयोगिता ही क्या रह जाती है जबकि उसके प्रावधानों पर परन्तुक रख कर इतना ज्यादा प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। उनका मतलब यह है कि जब उच्चतम न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन ही अपील की जा सकती है तो फिर इस उप-खण्ड (3) को रखने में लाभ ही क्या है?
पं. लक्ष्मीकांत मैत्राः जिस उप-खण्ड का जिक्र है, वह उप-खण्ड (ग) है न कि उपखण्ड (3)।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः भूल के लिए मुझे खेद है। उप-खण्ड (ग)
* ख्., डाट्स व्यवधान दर्शाते हैं।