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फ्कि अनुच्छेद 167 के बाद निम्नलिखित नया अनुच्छेद रखा जाएः 167-क (1) यदि किसी राज्य विधानमण्डल के सदस्य के गत पूर्ववर्ती अनुच्छेद के
ख्ण्ड (1) में वर्णित अनर्हताओं में भागी होने का कोई प्रश्न उठता है तो वह प्रश्न राज्यपाल को निर्णय के लिए सौंपा जाएगा और उसका निर्णय अंतिम होगा।
(2) ऐसे किसी प्रश्न पर निर्णय देने से पूर्व राज्यपाल निर्वाचन-आयोग की राय
लेगा तथा राय के अनुसार कार्य करेगा।य्
(संशोधन स्वीकृत हुआ। नया अनुच्छेद 167-क संविधान में शामिल किया गया।)
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अनुच्छेद 203
माननीय सभापतिः अब हम अनुच्छेद 203 को लेते हैं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस पर अभी विचार रुका रहेगा।
श्री टी.टी. कृष्णामाचारीः अनुच्छेद 203 (2) (ख) के सम्बन्ध में यह प्रश्न है कि इसे यों ही रखा जाए या इसमें कुछ संशोधन कर दिया जाए। इस पर विचार कर लेने के लिए हमें कुछ समय चाहिए। कल तक, इस पर विचार कर हम तैयार हो जाएंगे।
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नवीन अनुच्छेद 209-क
माननीय सभापतिः कुछ नए अनुच्छेद प्रस्तावित किए गए हैं यथा 209-क।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः 209-क पर विचार अभी रुका रहेगा।
माननीय सभापतिः इसके सम्बन्ध में एक संशोधन की सूचना प्रो. शिब्बनलाल सक्सेना ने दे रखी है।
प्रो. शिब्बनलल सक्सेनाः उसे रोका जा सकता है।
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अनुच्छेद 203
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बईः जनरल)ः माननीय सभापति महोदय, मैं प्रस्तुत करता हूँः
फ्अनुच्छेद 203 के हाशिए शीर्षक में निम्नलिखित प्रतिस्थपित किया जाएः-