188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सम्बन्ध में, मैं यह जान सकता हूँ कि उन्हें अनुच्छेद 270 के अधीन वर्णित सम्पत्ति में क्यों नहीं सम्मिलित किया गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे विचार से उस सम्पत्ति का उदाहरणार्थ इंडिया ऑफिस के पुस्तकालय आदि का, भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन होना है और मेरे विचार से इस सम्बन्ध में बातचीत हो रही है।
श्री बी. दासः पौंड पावने का क्या होगा?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे माननीय मित्र को उसके सम्बन्ध में मुझसे अधिक जानकारी है।
(अनुच्छेद 270 डॉ. अम्बेडकर के एकमात्र संशोधन के साथ संशोधित रूप में संविधान में जोड़ा।)
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अनुच्छेद 271
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 271 में -
(1) दो स्थलों पर जहां फ्उस राज्य की सरकारों के प्रयोजनों के लिएय् शब्द
प्रयुक्त हैं, वे निकल दिए जाएँ_
(2) दो स्थलों पर जहां फ्भारत सरकार के प्रयोजनों के लिएय् शब्द प्रयुक्त हैं,
वे निकाल दिए जाएँ।य्
(प्रस्ताव स्वीकार हुआ। अनुच्छेद 271, संशोधित रूप में, संविधान में जोड़ा गया।)
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नवीन अनुच्छेद 271-क
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
सभी भूमियाँ, खनिज तथा अन्य मूल्यवान चीजें जो भूभागीय समुद्र में हैं, संघ में निहित होगी।
फ्कि अनुच्छेद 271 के पश्चात् निम्नलिखित नवीन अनुच्छेद रखा जाएः
271-क. भारत के जल-प्रांगण में, समुद्र के नीचे की सब भूमियों, खनिज तथा अन्य जल प्रांगण में स्थित