208 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 290
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 290 के स्थान पर निम्न अनुच्छेद रख दिया जाएः संसद की विधानमंडल फ्290 इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद, चुनावों के संबंध में उपबंध समय-समय पर संसद की विधानमंडल चुनावों के संबंध बनाने की शक्ति में उपबंध बनाने की शक्ति के लिए विधि द्वारा ससंद
के प्रत्येक सदन अथवा किसी राज्य के विधान-मंडल
के सदन या प्रत्येक सदन के लिए निर्वाचनों या संबंधित अन्य विषयों के संबंध में जिनके अन्तर्गत निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन तथा ऐसे सदन या सदनों का सम्यव्Q गठन कराने के लिए आवश्यक विषय भी है, उपबंध कर सकेगी।य्
श्रीमान् आपकी अनुमति से मैं दूसरे संशोधन को भी पेश करना चाहता हूँ जो इसमें संशोधन करता है। मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि प्रथम सूची (पंचम सप्ताह) के संशोधन संख्या 123 के निर्देश से नए अनुच्छेद 290 में, ‘अन्तर्गत’ शब्द के पश्चात् निर्वाचक नामावलियों का तैयार कराना तथा अन्य ये शब्द प्रविष्ट किए जाएँ।
माननीय सभापतिः मैं देखता हूँ कि प्रोफेसर शिब्बनलाल सक्सेना ने अनुच्छेद 290 पर एक संशोधन की सूचना दी है। जब संशोधन पेश हुए थे तब वे यहाँ नहीं थे। पर यह सारवान संशोधन नहीं है।
यदि डॉ. अम्बेडकर उत्तर में कुछ नहीं कहना चाहते तो मैं इस संशोधन पर मत लूंगा।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कुछ भी नहीं कहना है, श्रीमान्।
(डॉ. अम्बेडकर का उपर्युक्त संशोधन स्वीकार किया गया। अध्याय 290 संशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया।)
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अनुच्छेद 291
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 291 के स्थान पर, निम्न अनुच्छेद रख दिया जाएः
* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 16 जून, 1949, पृ. 932