38 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरा स्वयं का यह मानना है कि मेरे माननीय मित्र श्री कामत तथा मेरे सम्मानित मित्र श्री कुंजरू ने इसके विरुद्ध जो भावना व्यक्त की है, उसका ठोस कारण वस्तुतः इस अध्याय के दुर्भाग्यपूर्ण शीर्षक फ्राष्ट्रपति की विधायी शक्तियांय् से उत्पन्न हुआ है। यह होना चाहिए था फ्संसद के सत्र नहीं होने की स्थिति में विधान बनाने की शक्तिय् मैं समझता हूँ कि इस प्रकार का हानिरहित शीर्षक यदि इस अध्याय को दे दिया जाता तो इस उपबंध के प्रति जो नाराजगी प्रकट हो रही है, वह समाप्त हो जाती। हां, ‘अध्यादेश’ एक खराब शब्द है। लेकिन, यदि श्री कामत अपनी प्रखर कल्पनाशक्ति के माध्यम से कोई बेहतर शब्द सुझाएं तो उसे स्वीकार करने वाला पहला व्यक्ति मैं होऊँगा। मैं ‘अध्यादेश’ शब्द को पसंद नहीं करता, लेकिन इसके स्थान पर मैं कोई अन्य शब्द ढूंढ नहीं पा रहा हूँ।
माननीय सभापतिः सरदार हुकम सिंह द्वारा एक दूसरा संशोधन उपस्थित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति अपनी मंत्रिपरिषद के परामर्श से अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसके बारे में ध्यान दिलाने के लिए मैं आपका बड़ा आभारी हूँ। बात यह है कि वह संशोधन अनावश्यक है क्योंकि राष्ट्रपति मंत्रियों की सलाह के बगैर कोई कार्य नहीं कर सकता।
माननीय सभापतिः प्रारूप संविधान में ऐसा उपबंध कहाँ पर है, जो राष्ट्रपति को मंत्रियों की सलाह के अनुरूप कार्य करने के लिए बाध्य करता है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे विश्वास है कि ऐसा एक उपबंध है और उपबंध यह है कि राष्ट्रपति को अपने कृत्यों का निर्वहन करने के लिए सलाह देने तथा सहायता करने हेतु एक मंत्रिपरिषद् होगी।
माननीय सभापतिः चूंकि हमारे पास यह लिखित संविधान है, इसलिए उसका कहीं स्पष्ट तौर पर उल्लेख होना चाहिए था।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यद्यपि, उसके बारे में मैं अभी तुरन्त नहीं बता सकता, लेकिन मुझे विश्वास है कि ऐसा एक उपबंध है। मैं समझता हूँ कि ऐसा एक उपबंध है कि राष्ट्रपति मंत्रियों की सलाह को स्वीकार करने के लिए बाध्य होगा। वास्तव में वह अपने मंत्रियों की सलाह के बगैर कोई कार्य नहीं कर सकता।
कुछ माननीय सदस्यः अनुच्छेद 61 (1)
माननीय सभापतिः यह केवल मंत्रियों के कर्त्तव्य का निर्धारण करता है। लेकिन उसके अन्तर्गत मंत्रियों की सलाह के अनुरूप कार्य करना राष्ट्रपति का कर्त्तव्य होगा, ऐसा निर्धारित नहीं किया गया है। ऐसा नहीं कहा गया है कि राष्ट्रपति सलाह मानने के