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फ्कि संशोधनों की सूची के संशोधन संख्या 1883 के संदर्भ में, अनुच्छेद 106 के
खण्ड (1) में ‘मुख्य न्यायाधीश’ शब्दों के बाद ‘राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से’ शब्द अन्तःस्थापित किए जाएँ।य्
फ्कि अनुच्छेद 106 के खण्ड (1) में, ‘उच्च न्यायालय शब्दों के बाद जहाँ दूसरी बार वे शब्द आए हों, अर्हित है’ शब्द अन्तःस्थापित किए जाएं।
निम्नलिखित संशोधन स्वीकृत हुए।
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अनुच्छेद 107
माननीय सभापतिः संशोधन संख्या 1884। यह एक नकारात्मक संशोधन है। अतः मैं इसे खारिज करता हूँ।
संशोधन संख्या 1885। इस प्रश्न पर निर्णय लिया जा चुका है। अतः प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है।
श्री जसपतराय कपूरः मैं संशोधन संख्या 1886 प्रस्तुत नहीं कर रहा हूँ, क्योंकि उसी तर्ज पर दूसरा संशोधन प्रस्तुत किया गया है।
माननीय सभापतिः संशोधन संख्या 1887 कमोवेश एक शाब्दिक संशोधन है। अतः इसे प्रस्तुत किए जाने की जरूरत नहीं है।
* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 107 में इस अनुच्छेद के उपबंधों के विषयाधीन शब्दों का लोप किया जाए।य्
वे शब्द बिल्कुल अनावश्यक हैं।
श्री टी.टी. कृष्णामाचारीः मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्कि अनुच्छेद 107 में पंक्ति 3 में ‘किसी समय’ शब्दों के बाद ‘राष्ट्रपति की पूर्व सहमति के साथ’ शब्द अन्तःस्थापित किए जाएं।य्
(संशोधन संख्या 1889 और 1890 प्रस्तुत नहीं किए गए।)
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* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 27 मई, 1949, पृ. 377