अनुच्छेद 135 - Page 91

72 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(क) ‘संसद के किसी अथवा’ शब्दों के स्थान पर ‘संसद के किसी सदन अथवा

किसी सदन’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँ।

(ख) ‘संसद या ऐसे विधानमंडल, जो भी स्थिति हो में’ शब्दों के स्थान पर ‘उस

सदन में’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँ।

महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 135 के खण्ड (2) में ‘परिलब्धि की स्थिति या’ शब्दों के स्थान पर ‘लाभ के’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएं।

श्री एच.वी. कामतः (मध्य प्रान्त बेरार - जनरल)ः सभापति महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि अनुच्छेद 135 के खण्ड (3) में ‘राज्यपाल शासकीय निवास का हकदार होगा और’ शब्द हटा दिए जाएँ।

माननीय सभापतिः फ्वहाँय् शब्द का भी लोप किया जाना चाहिए।

श्री एच.वी. कामतः फ्वहाँय् शब्द बना रहेगा ... मुझे नहीं मालूम कि डॉ. अम्बेडकर और प्रारूप समिति के उनके सहयोगियों को किस संविधान से प्रेरणा मिली है।

एक माननीय सदस्यः आयरलैण्ड के संविधान से।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हमने राष्ट्रपति के संदर्भ में बिल्कुल उन्हीं शब्दों में अनुच्छेद 48 पारित किया है। यहाँ हम केवल अनुच्छेद 48 का ही अनुसरण कर रहे हैं।

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¹डॉ. अम्बेडकर के सभी संशोधन स्वीकृत हुए। अन्य अस्वीकृत हुए।ह्

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¹अनुच्छेद 135, यथासंशोधित रूप में स्वीकृत हुआ और संविधान में जोड़ा गया।ह्

* माननीय सभापतिः अनुच्छेद 135 के बाद एक नया अनुच्छेद जोड़े जाने का सुझाव देने वाले प्रो. शाह के संशोधन के संबंध में सूचना मिली है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हम लोग अगला संशोधन लें उससे पहले मेरा

* ख्., सीएडी, खण्ड VIII, दिनांक 31 मई, 1949, पृ. 482

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