86 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
राज्य क्षेत्र में मामूली तौर पर निवासी रहा है,
भारत का नागरिक होगा बशर्ते कि उसने किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वेच्छया से ग्रहण न कर ली हो।“
पाकिस्तान से भारत को 5-क. अनुच्छेद 5 में किसी बात के होते हुए भी, पाकिस्तान से भारत को
प्रव्रजन करने वाले कुछ कोई व्यक्ति जिसने ऐसे राज्यक्षेत्र से जो इस समय व्यक्तियों के नागरिकता के पाकिस्तान के अन्तर्गत है, भारत के राज्यक्षेत्र में प्रव्रजन प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के
अधिकार किया है, इस संविधान के प्रारंभ से भारत का नागरिक अधिकार
समझा जाएगा -
(क) यदि वह या उसके माता-पिता में से कोई अथवा उसके पितामह या पितामही
या मातामह या मातामही में से कोई (मूल रूप से यथा अधिनियमित) भारत
सरकार अधिनियम, 1935 में दी गई परिभाषा के अनुरूप भारत में जन्मा था,
और
(ख) (1) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जुलाई, 1948 से पहले प्रव्रजन
किया है तब वह अपने प्रव्रजन की तारीख से भारत के राज्यक्षेत्र में मामूली
तौर से निवासी रहा है, या
(2) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जुलाई, 1948 को या उसके पश्चात्
इस प्रकार प्रव्रजन किया है तब यदि वह नागरिकता प्राप्ति के लिए भारत
डोमिनियन की सरकार द्वारा या भारत सरकार द्वारा विहित प्रारूप में और
रिति से उसके द्वारा इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले ऐसे अधिकारी को,
जिसे उस सरकार ने इस प्रयोजन के लिए नियुक्त किया है, आवेदन किए
जाने पर उस अधिकारी द्वारा भारत का नागरिक रजिस्ट्रीकृत कर लिया गया
है :
परन्तु यदि कोई व्यक्ति अपने आवेदन की तारीख से ठीक पहले कम से कम छह मास भारत के राज्यक्षेत्र में निवासी नहीं रहा है तो वह इस प्रकार रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा।“
पाकिस्तान को प्रव्रजन करने “5कक. इस संविधान के अनुच्छेद 5 और 5क में वाले कुछ व्यक्तियों के अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति वाले कुछ व्यक्तियों के
नागरिकता के अधिकार जिसने 1 मार्च, 1947 के पश्चात् भारत के राज्यक्षेत्र नागरिकता के अधिकार
से ऐसे राज्यक्षेत्र को, जो इस समय पाकिस्तान के अन्तर्गत है, प्रव्रजन किया है, भारत का नागरिक नहीं समझा जाएगा :
परन्तु, इस अनुच्छेद की कोई बात ऐसे व्यक्ति पर लागू नहीं होगी, जो ऐसे राज्य-क्षेत्र से, जो इस समय पाकिस्तान में है, प्रव्रजन करने के पश्चात् भारत के