अनुच्छेद 5 और 6 - Page 111

90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

लोगों का दूसरा वर्ग जिनका मैंने उल्लेख किया है उन व्यक्तियों का है जो भारत में निवास करते हैं लेकिन जो भारत में नहीं जन्मे हैं। वे अनुच्छेद 5 के खंड (ग) के अन्तर्गत आते हैं और ये व्यक्ति वे हैं जो ऐसे प्रारंभ की तारीख से ठीक पूर्व 5 वर्ष से अन्यून तक भारत के राज्यक्षेत्र में मामूली तौर पर निवास कर रहे हैं। इसमें यह शर्त अधिरोपित है कि वे पांच वर्ष से भारत के निवासी हों। ये सभी खण्ड एक साधारण परिसीमा के अधीन हैं, वह यह है कि उन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वेच्छया अर्जित न की हो।

अंतिम वर्ग के व्यक्तियों के संबंध में अर्थात् उनके संबंध में जो विदेश में रहते हैं या जिनके माता-पिता भारत में जन्मे थे वे मेरे अनुच्देद 5-ख के अन्तर्गत आते हैं। यह उन लोगों के प्रति निर्देश करता है जो या जिनके माता-पिता या जिनके पितामह या पितामही अथवा मातामह या मातामही भारत में जन्मे थे जैसाकि भारत शासन अधिनियम, 1935 में परिभाषित है, जो भारत के राज्यक्षेत्र से बाहर निवास कर रहे हैं जो बाहर भारतीय कहलाते हैं। उनपर प्रतिबंध केवल यह है कि यदि वे भारत के नागरिक बनना चाहते हैं तो उन्हें संविधान के प्रारंभ से पूर्व कंसूलर अधिकारी को या भारत सरकार के राजनयिक प्रतिनिधि को उस प्रारूप में आवेदन करना होगा जो भारत सरकार द्वारा इस प्रयोजनार्थ विहित किया जाए और वे नागरिक के रूप में रजिस्ट्रीकृत अवश्य हों। उनके लिए दो शर्तें निर्धारित हैं एक है आवेदन, दूसरी है उस देश में जिसमें वह रहता है, वहाँ के कंसूलर द्वारा या भारत के राजनयिक प्रतिनिधि द्वारा ऐसे आवेदक का रजिस्ट्रीकरण। जैसा कि मैंने कहा है ये बातें बहुत मामूली हैं।

अब हम उन प्रवर्गों के लोगों पर आते हैं जो भारत में निवासी थे और जो पाकिस्तान चले गए तथा वे जो पाकिस्तान में निवासी थे ओर भारत चले आए हैं। जो लोग पाकिस्तान से भारत आ गए हैं उनके बारे में मेरे अनुच्छेद 5-क में बताया गया हैं। अनुच्छेद 5-क के उपबंध ये हैः-

जो लोग पाकिस्तान से भारत आ गए हैं वे दो प्रवर्गों में विभाजित किए गए हैः-

(क) वे जो 19 जुलाई, 1948 से पहले आए हैं, और

(ख) वे जो पाकिस्तान से भारत 19 जुलाई, 1948 के बाद आए हैं।

जो लोग 19 जुलाई, 1948 से पहले आए हैं वे स्वतः भारत के नागरिक बन जाएंगे।

जो लोग 19 जुलाई, 1948 के बाद आए हैं वे भी संविधान के प्रारंभ की तारीख को नागरिकता के हकदार होंगे बशर्ते कि एक निश्चित प्रक्रिया का अनुसरण किया जाए अर्थात् उससे अपेक्षित होगा कि वे डोमिनियन ऑफ इंडिया की सरकार द्वारा