अनुच्छेद 250 - Page 128

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संख्यांक बदलना आवश्यक हो गया है ताकि नये भाग के लिए आवश्यक तार्किक क्रम सुनिश्चित किया जा सके। छुट-पुट परिवर्तनों को छोड़कर मेरे द्वारा प्रस्तावित नये अनुच्छेदों, अनुच्छेद 215क और 215ख में कोई सारवान परिवर्तन नहीं है।

* * * *

* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं नहीं समझता, उत्तर में कोई टिप्पणी करना आवश्यक है।

प्रस्ताव अंगीकृत हुआ।

[ भाग VIII- क और अनुच्छेद 215क तथा 215ख संविधान में जोड़े गए।) ]

अनुच्छेद 250

“कि अनुच्छेद 250 के खंड (1) के उपखंड (ग) में, ’रेलवे’ शब्द के बाद कोमा (, ) और ’समुद्र’ शब्द अंतःस्थापित किए जाएं।“

महोदय, मैं अपना अगला संशोधन भी प्रस्तावित करता हूँ :

“कि अनुच्छेद 250 के खंड (2) में ’भारत के राजस्व’ शब्दों के स्थान पर ’भारत की संचित निधि’ शब्द रखे जाएं।“

श्री नजीरुद्दीन अहमद : इस समय विधानमंडल के समक्ष सम्पदा शुल्क लगाने के लिए एक विधेयक है, यहाँ हम दीर्घकालीन व्यवस्था के लिए विधान बना रहे हैं। अतः हमें सम्पदा या उत्तराधिकार दोनां शुल्क रखने चाहिए।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : उत्तराधिकार शुल्क (क) में आता है। उसका कहना है ‘सम्पत्ति के उत्तराधिकार के संबंध में ’शुल्क’ (ख) में क्यों दोहराया जाए?

श्री नजीरुद्दीन अहमद : हो सकता है, दोनों मिल गए हों।

*** माननीय उपसभापति : ....खैर, क्या डॉ. अम्बेडकर कुछ कहना चाहेंगे? माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं कुछ नहीं कहना चाहता।

माननीय उपसभापति : मैं संशोधन सदन के समक्ष नहीं रखूंगा।

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 19 अगस्त, 1949, पृ. 495

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 19 अगस्त, 1949, पृ. 495-500

*** ख्., वही, पृ. 504