अनुच्छेद 280 - Page 137

116 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

कानून पारित करने की शक्तियां देता है जो राज्य सूची को प्रभावित करता है। मैं अनुच्छेद 227 के खण्ड (2) की ओर उनका ध्यान आकर्षित करता हूँ। इसके अन्त में वे देखेंगे कि उद्घोषणा के काम करना बन्द करने के छः माह के पश्चात् सभी कृत्य निष्प्रभाव हो जाएंगे सिवाय अवधि के बीतने से पूर्व की गई अथवा न की गई बातों की बाबत। यह खण्ड अनुच्छेद 279 में नहीं है। इसलिए कोई भी कानून जो अनुच्छेद 279 के उपबंध के अधीन बनेगा, समाप्त नहीं होगा। अपितु जो कुछ भी किया गया है वह विधिमान्य तथा किया गया नहीं रहेगा। इस प्रकार, एक व्यक्ति जो अनुच्छेद 279 के अधीन बने किसी कानून के उपबंध के अधीन गिरफ्तार हुआ है, जब कानून प्रभाव में नहीं रहेगा इस कानून के द्वारा केवल इसलिए शासित नहीं होगा क्योंकि जो कुछ भी हुआ है, उस अनुच्छेद के अधीन बने कानून के अधीन हुआ है। इस अनुच्छेद 279 के अधीन बने कानून ही समाप्त नहीं होते, अपितु किये गये कार्य भी समाप्त हो जाते हैं।

अब मैं अनुच्छेद 8 के खण्ड (2) की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहूँगा। यह भी एक महत्वपूर्ण अनुच्छेद है जिसे अनुच्छेद 279 के साथ पढ़ा जाना चाहिए। अनुच्छेद 8 इस संविधान में रखे सामान्य उपबंधों के लिए अपवाद है कि वर्तमान विधि बनी रहेगी। अनुच्छेद 8 का कहना है कि कोई वर्तमान कानून जो मूल अधिकारों के विरुद्ध है वह लागू नहीं रहेगा। अनुच्छेद 8 का खण्ड (1) वर्तमान कानून के बारे में है और

खण्ड (2) भावी कानूनों के बारे में है। इस प्रकार कोई भी कानून जो अनुच्छेद 279 के अधीन बना है, भावी कानून हो जायेगा। जब आपात स्थिति समाप्त हो जाएगी तो अनुच्छेद 279 के अधीन बना कोई विधि अनुच्छेद 8 के खण्ड (2) के अधीन आ जाएगी ताकि यदि यह मूल अधिकारों से असंगत हो जाता है, तो वह अपने आप समाप्त हो जाएगी।

इसलिए मेरा निवेदन यह है कि जहाँ तक संशोधन 74 का संबंध है, जो डर जाहिर किये गये हैं वे आधारहीन हैं। वर्तमान कानून में बहुत से उपबंध हैं जिनमें वे सभी मामले आ जाएंगे जो मेरे आदरणीय मित्र श्री हृदयनाथ कुंजरू के मस्तिष्क में हैं।

पंडित ठाकुरदास भार्गव : अनुच्छेद 277(2) में संसद द्वारा बनाए गए कानून का संदर्भ है। यह कार्यपालिका द्वारा की गई किसी कार्रवाई का हवाला नहीं देता। दूसरे, यह संसद द्वारा बने कानून की बात करता है, जबकि अनुच्छेद 13 के अधीन जैसा यहाँ परिभाषित किया गया है हमें राज्य द्वारा बने कानून का हवाला प्राप्त है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यहाँ राज्य का अर्थ दोनों से है क्योंकि

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’राज्य’ शब्द का अनुच्छेद 279 में प्रयोग उसी अर्थ में किया गया है जिसमें इसका