138 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 293
* माननीय सभापति : डॉ. बी. आर. अम्बेडकर।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं कुछ कहना आवश्यक नहीं समझता।
[ बिना किसी संशोधन के अनुच्छेद 293 संविधान में जोड़ा गया ]
अनुच्छेद 294
“कि अनुच्छेद 294 के स्थान पर निम्नलिखित रखा राज्य की विधानसभाओं
में अल्पसंख्यकों के लिए 294. (1) प्रथम अनुसूची के भाग ( I ) अथवा भाग ( III ) में अल्पसंख्यकों के लिए
स्थानों का आरक्षण में उल्लखित प्रत्येक राज्य की विधानसभा में अनुसूचित स्थानों का आरक्षण
जातियों, और अनुसूचित जनजातियों के लिए, असम के जन जाति-क्षेत्रों की अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर कुछ समय के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे।
(2) असम राज्य की विधानसभा में स्वशासी जिलों के लिए भी स्थान आरक्षित रहेंगे।
(3) इस अनुच्छेद के खण्ड (1) के अधीन किसी राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात उस सभा के स्थानों की समस्त संख्या से यथाशक्य वही होगा जो यथास्थिति उस राज्य में की अनुसूचित जातियों की, अथवा उस राज्य की या उस राज्य के भाग की अनुसूचित जनजातियों की, जिनके सम्बन्ध में स्थान इस प्रकार आरक्षित हैं, जनसंख्या का अनुपात उस राज्य की समस्त जनसंख्या से है।
(4) असम राज्य की विधानसभा में किसी शासी जिले के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का उस सभा में स्थानों की समस्त संख्या से अनुपात उस अनुपात से कम न होगा जो कि उस जिले की जनसंख्या का उस राज्य की समस्त जनसंख्या से है।
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 24 अगस्त, 1949, पृ. 662
** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 24 अगस्त, 1949, पृ. 663