संघ सूची
प्रविष्टि
* माननीय सभापति : आपने (डॉ. पी. एस. देशमुख) मूल रूप में इस संशोधन की सूचना नहीं दी थी, पहले अवसर पर भी नहीं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह एक संशोधन का संशोधन नहीं है।
माननीय सभापति : यह पूर्णतः नया संशोधन है।
डॉ. पी. एस. देशमुख : जहाँ तक अनुच्छेदों का सम्बन्ध है, मैं इस संशोधन को उसी सिद्धांत पर पेश कर रहा हूँ जिस पर डॉ. अम्बेडकर पेश करते रहे थे।
माननीय सभापति : पिछली बार प्रविष्टि I की कोई सूचना नहीं थी। यह पहला मौका है कि हमारे पास इस प्रविष्टि के लिए एक संशोधन है।
डॉ. सी. एस. देशमुख : यह एक तथ्य है श्रीमान यदि डॉ. अम्बेडकर महसूस करते हैं कि इस प्रविष्टि के शब्दों को बदलना आवश्यक है, तो उन्हें कदाचित इसे स्वीकार कर लेना चाहिए, अन्यथा मैं इसे वापिस ले लूंगा।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह प्रविष्टि I की विस्तृत व्याख्या मात्र है। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह प्रविष्टि
आपने नियम बनाया था कि हमें एक प्रविष्टि पर 5 मिनट से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए और अब पहले से ही पांच मिनट हो गये हैं।
माननीय सभापति : जैसा डॉ. अम्बेडकर ने इशारा किया है, यह प्रविष्टि की विस्तृत व्याख्या मात्र है, हमें विचार करने के लिए उनपर छोड़ देना चाहिए। मैं नहीं समझता, इन मामलों पर हमें बहुत बहस करनी चाहिए खासतौर पर जब वे नये विचार न हों।
(प्रविष्टि I संघ सूची में जोड़ी गई)
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* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 29 अगस्त, 1949, पृ. 722