प्रविष्टि 4 - Page 176

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और क्या वर्तमान प्रविष्टि अनुच्छेद 275 के अनुरूप हैं?

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माननीय सभापति : मैं श्री नजीरुद्दीन अहमद के संशोधन 149 को मत के लिए प्रस्तुत करूंगा।

(संशोधन अस्वीकार किया गया।)

माननीय सभापति : अब मैं श्री देशमुख के संशोधन को पेश करता हूँ।

(संशोधन अस्वीकार किया गया।)

माननीय सभापति : अब मैं डॉ. अम्बेडकर द्वारा पेश प्रविष्टि को पेश करता हूँ।

संघ सूची
प्रविष्टि 4

** माननीय सभापति : अब हम प्रविष्टि 4 पर आते हैं।

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“कि सूची I, प्रविष्टि 4 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

“4. नौ सेना, थल सेना और वायु सेना, और संघ का अन्य कोई सशस्त्र बल“।

माननीय सदस्य देखेंगे कि प्रविष्टि बहुत बड़ी है और इसके दो भाग हैं। यह दो भागों में है। प्रविष्टि का पहला भाग संघ द्वारा खडे़ किए गये बल से सम्बन्धित है भाग भाग III में अंकित राज्य के बलों से सम्बन्धित है। इस तथ्य की दृष्टि से कि भाग 3 की रियासतों को वही महत्व देने का फैसला किया जो भाग I के राज्यों को प्राप्त है, तो इस प्रविष्टि के दूसरे भाग को हटा देना वांछनीय है। और यदि कोई राज्य आज कोई बल रखता है तो ऐसा होने पर संविधान के अस्थाई/अल्पकालीन उपबन्धां वाले भाग में उपबंध द्वारा उसकी व्यवस्था की जाएगी।

प्रविष्टि के प्रथम भाग के बारे में, यह महसूस किया गया है कि यह विस्तृत है और इतने अधिक शब्द आवश्यक नहीं हैं और थोड़ी कम पदावली जो अब प्रस्तावित

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 29 अगस्त, 1949, पृ. 731