163
माननीय सभापति : मैं अब संशोधन को मत के लिए रखूंगा।
श्री नजीरुद्दीन अहमद : मैं चाहूँगा कि केवल अंतिम को मतदान के लिए रखा जाए।
[ डॉ. अम्बेडकर के संशोधन के सिवाय अन्य संशोधन अस्वीकार किए गए। प्रविष्टि 22 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई। ]
| Col1 | Col2 |
|---|---|
“कि सूची I के प्रविष्टि 26 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाए :
- सीमाशुल्क की सीमारेखा पार आयात अथवा निर्यात; सीमाशुल्क सीमारेखा की परिभाषा“
यह मूल प्रविष्टि की ठीक पुनःर्व्यवस्था है।
श्री नजीरुद्दीन अहमद : मेरे संशोधन में ‘‘आयात और निर्यात में’ और’ शब्द सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। जैसा कि मैंने पहले ही कहा है यह कमोवेश प्रारूपण प्रकृति का है और इसीलिए मैं अपना प्रस्ताव सदन में रखे बिना इसे प्रारूपण समिति पर छोड़ूंगा।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, स्पष्टता से मैं आश्वस्त हूँ और मैं भव्यता के पीछे नहीं दौड़ना चाहता।
[ संशोधन अंगीकार किया गया। प्रविष्टि 26 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई। ]
| Col1 | Col2 |
|---|---|
| 26d | Col2 |
|---|
प्रो. शिब्बनलाल सक्सैना : श्रीमन, इस विषय पर अमरीका के उच्चतम न्यायालय में मामले आए थे और मैं इसे स्पष्ट रूप से कहना चाहूँगा। इसलिए मैं अपना संशोधन पेश करना चाहूँगा। श्रीमन, मैं प्रस्ताव करता हूँ :
“सूची I की प्रविष्टि 26 के पश्चात् निम्नलिखित नई प्रविष्टि जोड़ी जाए :
’26क, भूमियों, खनिजों और साधारण उथले पानी में समुद्र के किनारे नौ मील के आगे दूसरी कीमती वस्तुओं का स्वामित्व और प्रभुत्व।’“
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 30 अगस्त, 1949, पृ. 752