प्रविष्टि 38 - Page 186

165

स्थान पर ’रेल, समुद्र अथवा वायुमार्ग द्वारा’ शब्द रखे जाएं।“

यह केवल लोप के कारण हुआ है।

डॉ. पी.एस. देशमुख : श्रीमन, मैं प्रस्ताव करने के लिए आज्ञा चाहता हूँ।

“कि सूची I के संशोधन 12 में (छठा सप्ताह) सूची I की प्रविष्टि 37 में ’रेल, समुद्र अथवा वायुमार्ग द्वारा’ शब्दों के स्थान पर (स्थानापन्न के लिए प्रस्तावित) ’थल, समुद्र अथवा वायुमार्ग द्वारा’ शब्दों को रखा जाए।’’

* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मुझे खेद है कि मैं डॉ. देशमुख द्वारा प्रस्तावित संशोधन को स्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि यदि हम इसे सम्मिलित करते हैं तो यह केन्द्रीय विषय हो जाएगा।

डॉ. पी.एस. देशमुख : यदि यह दो प्रांतों के बीच हो तो ?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : तो यह अन्तरराज्यीय यातायात के अंतर्गत आएगा।

डॉ. पी.एस. देशमुख : मैं अपना संशोधन वापिस लेने के लिए तैयार हूँ।

(सभा की इजाजत से संशोधन वापिस ले लिया गया।)

(श्री कामथ ने अपने संशोधन पर जोर नहीं दिया।)

प्रविष्टि 38

“कि सूची I की प्रविष्टि 38 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

’38. रेल’

मैं समझता हूँ कि इस परिवर्तन की व्याख्या अपेक्षित है। यदि आदरणीय सदस्य प्रारूप संविधान में विद्यमान प्रविष्टि संख्या 38 की ओर लौटेंगे, तो वे पहले ही संघीय रेल और छोटी रेल के बीच का अंतर जान सकेंगे। यह अंतर आवश्यक था क्योंकि संघीय रेल के बारे में केन्द्र को सुरक्षा, कम से कम और अधिक से अधिक दर और भाड़ा इत्यादि के संबंध में कानून बनाने का अधिकार होगा। छोटी रेल के वास्तविक प्रशासन जैसे माल और सवारियां ढोना सीमित था। दूसरे शब्दों में, जहाँ

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 30 अगस्त, 1949, पृ. 757

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 30 अगस्त, 1949, पृ. 757