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शेष प्रविष्टि जैसी यह पहले थी, जैसे ’पुरातत्व स्थान और खंडहर’ समवर्ती सूची में अंतरित करने का प्रस्ताव है।

श्री एच.वी. कामथ : मैं समझता हूँ कि अनुच्छेद 39 की भाषा बदलने के लिए कोई ठोस कारण प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। जिनको इस नई प्रविष्टि में रखा जाए। इसलिए मैं संशोधन संख्या 206 पेश करता हूँ और स्वीकृति के लिए सदन को सौंपता हूँ।

माननीय सभापति : क्या आप संशोधन संख्या 206 पर कुछ कहना चाहेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : नहीं श्रीमन, इस विषय पर कुछ भी कहना एकदम अनावश्यक है।

माननीय सभापति : तब श्री कामथ द्वारा पेश किया संशोधन मत के लिए प्रस्तुत करता हूँ।

(संशोधन अस्वीकार किया गया था। डॉ. अम्बेडकर का प्रस्ताव स्वीकार किया गया और प्रविष्टि 60 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई।)

प्रो. शिब्बनलाल सक्सेना : श्रीमन, क्या मुझे अपना संशोधन पेश करने की आज्ञा दी जाएगी?

माननीय सभापति : जब मैंने उनको पुकारा था तो आप यहाँ नहीं थे। मुझे दुःख है। अब बहुत देर हो गई है।

प्रो. शिब्बनलाल सक्सेना : यह बहुत महत्वपूर्ण संशोधन है। श्रीमन, और मैं सोचता हूँ वे स्वतंत्र भी हैं। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : न्याय आपके पक्ष में नहीं है।

प्रविष्टि 61

* माननीय सभापति : मुझे सूची समाप्त करने दो और तब हम देखेंगे। अब प्रविष्टि 61 मुद्रित सूची में एक संशोधन है जिसकी सूचना डॉ. अम्बेडकर के द्वारा दी जा चुकी है। संख्या 3548।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं उसे पेश नहीं कर रहा हूँ।

माननीय सभापति : श्री संथानम के नाम पर यहाँ दो संशोधन हैं।

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 802