प्रविष्टि 63 - Page 209

188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय श्री के. संथानम : मैं उन्हें प्रस्तुत नहीं कर रहा हूँ।

माननीय सभापति : तब मैं प्रविष्टि 61 को मत के लिए पेश कर हूँ।

(प्रविष्टि 61 संघ सूची में जोड़ी गई।)

प्रविष्टि 61-क
61 &d Col3

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :

“कि प्रविष्टि 61 के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

’61क. सीमा शुल्क, सीमा प्रांत के बाहर निर्यात अथवा एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाए जाने वाले सामान की किस्मों में स्तर की स्थापना।“

हम प्रविष्टि 61 पहले ही ले चुके हैं जो नापतौल के स्तर से संबंधित हैं और यह महसूस किया गया है कि यहाँ सामान की किस्म स्थापित करने के लिए कोई उपबंध होना चाहिए।

** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरे मित्र देशमुख द्वारा उठाया गया बिंदु पहले ही उस समय उठाया जाना चाहिए था जब हमने सूची II की प्रविष्टि पर बहस की थी। ये विषयों पर चर्चा कर रहे हैं जिनका उद्देश्य केंद्र की शक्तियों तक व्याप्त है जिससे कि वह राज्य के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप न कर सके। परिणामस्वरूप, इसलिए प्रविष्टि को बड़ी सावधानी से शब्दों में पिरोया गया है। जैसा कि मेरे मित्र देखेंगे प्रविष्टि में एक राज्य से दूसरे में ले जाने वाले सामान के स्तर के बारे में कहा गया है। इसके बारे में इसका उद्देश्य राज्य प्रशासन के मामले में हस्तक्षेप करने के लिए शक्तियां देना नहीं है। यदि वह इस प्रश्न को उठाना चाहते हैं तो उस समय उठायें। जब हम राज्य सूची पर विचार-विमर्श करें।

डॉ. पी.एस. देशमुख : क्या मैं सुझाव दूं कि इस प्रविष्टि को टाल दिया जाए और इस सूची का कार्य पूरा करने से पूर्व कृषि मंत्रालय की सलाह ली जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जब हम सूची II पर आएंगे, हम इस विषय माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जब हम सूची

पर विचार करेंगे।

माननीय सभापति : मैं संशोधन को मत के लिए रखता हूँ।

(डॉ. देशमुख का संशोधन अस्वीकार किया गया।)

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 802

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 803