प्रविष्टि 64 क - Page 211

190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिए गए संशोधन के द्वारा प्रविष्टि 63 संघ सूची में जोड़ी गई।)

प्रविष्टि 64

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है कि -

“सूची 1 की प्रविष्टि 64 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

’64. संघ द्वारा उद्योग और उनका नियंत्रण संसद के कानून द्वारा जनता के हित में व्यय करना घोषित कर दिया गया है।“

** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, प्रविष्टि जैसी यह है पूर्णतः ठीक है और इस प्रयोजन को पूरा करती है जो प्रारूपण समिति के मस्तिष्क में था। मेरा निवेदन है कि यदि केंद्र ने एक बार किसी उद्योग के क्षेत्र पर अधिकार कर लिया जैसा इस प्रविष्टि में उपबंधित है तो वह उद्योग सभी बातों के लिए संसद के क्षेत्र के अधीन हो जाएगा न कि केवल विकास के लिए लेकिन यह दूसरी छवियों में होनी चाहिए। परिणामस्वरूप, हमने सोचा था कि सब से अच्छी बात यह है कि पहले उद्योग को संसद के असंदिग्ध क्षेत्र में किसी भी विषय में, जिसमें वह पसंद करे व्यवहार करने के लिए रख दिया जाए, विकास ही आवश्यक रूप से नहीं। इसलिए प्रविष्टि उससे कहीं अधिक विस्तष्त है जो इसका उद्देश्य है।

(दो संशोधन अस्वीकार किए गए, डॉ. अम्बेडकर का उपर्युक्त संशोधन स्वीकार किया गया प्रविष्टि 64 संशोधित रूप में संघ सूची में सम्मिलित की गई।)

प्रविष्टि 64-क

*** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, नई प्रविष्टि 64क रखने के लिए संशोधन के बारे में मैं यह कहना चाहूँगा कि यह विषय प्रधान (प्रधानमंत्री) की सभा में रखा गया था और प्रधान (प्रधानमंत्री) की सभा प्रस्ताव से सहमत नहीं हुई।

खाद्य सामग्री बांटने के प्रश्न के संबंध में हमने अनुच्छेद 206 में उपबंध किया है कि पांच वर्ष की अवधि के लिए केंद्र की खाद्य सामग्री के बांटने पर नियंत्रण रखना चाहिए।

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 806

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 806

*** सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 809-810