प्रविष्टि 67 - Page 214

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का विरोध करना चाहता था, मुझे खेद है, श्री बृजेश्वर प्रसाद द्वारा पेश...

मैं डॉ. अम्बेडकर द्वारा पेश प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ और उनके द्वारा पेश प्रस्ताव का विरोध करता हूँ।

श्री बृजेश्वर प्रसाद : डॉ. अम्बेडकर का संशोधन ’तेल क्षेत्र’ शब्द को छोड़ता है।

श्री जगतनारायण लाल : शब्द ’तेल क्षेत्र’ को हटा दिया जाए। क्योंकि यह पहले आ चुके हैं।

माननीय सभापति : क्या आप कुछ कहना चाहेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : नहीं श्रीमन, मैं किसी संशोधन को स्वीकार

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करना पसंद नहीं करूंगा।

माननीय सभापति : अब हम श्री बष्जेश्वर प्रसाद का संशोधन लेंगे।

श्री बृजेश्वर प्रसाद : श्रीमन, मैं इसे वापिस लेने की प्रार्थना करता हूँ।

(संशोधन सभा की आज्ञा से वापिस लिया गया।)

(श्री कामथ का संशोधन वापिस हो गया। डॉ. अम्बेडकर का संशोधन स्वीकार हुआ। प्रविष्टि 66 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई।)

प्रविष्टि 67

* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है कि सूची 1 की प्रविष्टि

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67 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

“67. राज्य के अंतर्गत नहीं, किसी राज्य और किसी क्षेत्र से संबंधित पुलिस बल के सदस्य की अधिकारिता और शक्तियों का विस्तार। लेकिन एक राज्य की पुलिस को शक्तियों और अधिकारिता का प्रयोग किसी क्षेत्र में राज्य सरकार की स्वीकृति के बिना जिसमें यह क्षेत्र स्थित है पुलिस बल के सदस्य की शक्तियों और अधिकारिता का विस्तार किसी राज्य से संबंधित राज्य के बाहर रेल क्षेत्र तक।“

माननीय सभापति : यहाँ एक संशोधन सरदार हुक्म सिंह का छोड़ने के लिए है। उसको पेश करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रविष्टि के लिए डॉ. देशमुख का संशोधन है जिसे मैं समझता हूँ वह पेश नहीं कर रहे हैं। इसलिए मैं प्रस्ताव

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 817