194 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
को मत के लिए रखूंगा।
(संशोधन स्वीकार हुआ।)
(प्रविष्टि 69 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई।)
प्रविष्टि 68
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मेरा प्रस्ताव है कि -
’सूची 1 प्रविष्टि 68 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :
संसद का और राज्यों के विधानमंडल के लिए निर्वाचन और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचन आयोग, निर्वाचन अधीक्षण, आज्ञा और ऐसे निर्वाचन का नियंत्रण।’
माननीय सभापति : अब स्थिति के लिए श्री सन्थानम के नाम एक संशोधन है। मैं समझता हूँ हमने किसी अन्य अनुच्छेद के बारे में जो फैसले लिए उससे यह उत्पन्न नहीं होते।
** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : इस संशोधन को स्वीकार करना अनावश्यक है क्योंकि चुनाव आयोग क्षेत्रीय आयुक्तों को भी सम्मिलित करेगा।
(संशोधन नकारात्मक था। प्रविष्टि 68 डॉ. अम्बेडकर के प्रस्ताव संशोधित रूप में स्वीकार हुआ और संघ सूची में जोड़ा गया। )
प्रविष्टि 69
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है
“कि सूची 1 प्रविष्टि 69 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :
- राष्ट्रपति और राज्यपालों की अनुपस्थिति की छुट्टियों के अधिकारों के बारे में और संघ के मंत्रियों राज्यसभा के सभापति और उपसभापति और लोक सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन व भत्तों के बारे में, भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के वतन व भत्तों और नौकरी की शर्तों के बारे में।
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 818
** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 8824
*** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 819-820