196 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
प्रविष्टि 70
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
“कि सूची 1 की प्रविष्टि 70 के ’अथवा संसद के द्वारा नियुक्तियों’ शब्द जोड़े जाएं।“
(जैसे रूप में यह स्थिर है, यह प्रविष्टि केवल समितियों के प्रति निर्देष करती है।)
माननीय सभापति : मैं नहीं समझता कि यहाँ कोई दूसरा संशोधन भी है।
(प्रस्ताव स्वीकार किया गया, प्रविष्टि 70 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई।)
प्रविष्टि 70क
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
“कि सूची 1 की प्रविष्टि 70क के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाए :
70क. गतिशील चलचित्रों के प्रदर्शन के लिए स्वीकृति“
मूल रूप में यह प्रविष्टि समवर्ती सूची में रखी गई थी।
अब इसे सूची 1 में रखने का प्रस्ताव है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : सभापति महोदय, प्रविष्टि मूलरूप में समवर्ती सूची में थी, उसे संघ सूची में लाने का उद्देश्य दोहरा है। पहला, जहाँ तक संभव हो, चलचित्रों की स्वीकृति का समान स्तर स्वीकार करना है और दूसरे किसी फिल्म निर्देशक को होने वाली हानि से बचाने के लिए जिसका चलचित्र अपनी किसी विशेष प्रकृति अथवा किसी स्तर के कारण जो असामान्य प्रकृति के हैं और सामान्य स्तर को सुदृढ़ नहीं करते जो अपनी प्रकृति की स्वीकृति के लिए चालू है, चलचित्र स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए, मैं सोचता हूँ क्या यह अतिआवश्यक है कि यह स्वीकृति का मामला केंद्र व राज्यों के मध्य बांटे जाने के बजाय; प्रत्येक राज्य अपना निजी मानक निश्चित करे और केंद्र हर राज्य को उसका मानक जांचने के
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 820
** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 8821