198 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
नजीरुद्दीन अहमद का है।
श्री नजीरुद्दीन अहमद : मैं इसे पेश नहीं कर रहा हूँ।
माननीय सभापति : तब इस प्रविष्टि का कोई संशोधन नहीं है। जो प्रविष्टि डॉ. अम्बेडकर ने पेश की है, मैं इसे सदन में रखता हूँ।
(संशोधन स्वीकार हुआ। प्रविष्टि 73 संशोधित रूप में संघ सूची में जोड़ी गई। जिन प्रविष्टियों का जिक्र यहाँ नहीं हुआ है। उनके बारे में बहस में डॉ. अम्बेडकर की कोई टिप्पणी नहीं है। उनमें से अधिकतर बिना किसी बहस के स्वीकार हुई।)
प्रविष्टि 73-क
| Col1 | Col2 |
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| 73&d | Col2 |
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* श्री नजीरुद्दीन अहमद : ..... इस प्रकार यदि सूची में अंतर नक्षत्रीय यात्रा जोड़ी जाती है, जो अवश्य जोड़ी जाए, तो यह संशोधन भी स्वीकार करना होगा। पृथ्वी से चन्द्र तक की ओर वापस पृथ्वी तक की यात्रा पूर्वतम उपलब्धि है। लेकिन श्री कामथ का संशोधन इसे संभव नहीं बनाएगा। मूल संशोधन को पूरा करने के लिए मेरे संशोधन को स्वीकार किया जाए। मैं आशा करता हूँ श्रीमन, यदि संशोधन अस्वीकार करना है तो मत द्वारा अधिक संतोषजनक तरीके से अस्वीकार किया जाए।
माननीय सभापति : मैं नहीं समझता कि कोई अन्य भाषण आवश्यक है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं ठीक से नहीं समझता कि मेरे मित्र का
| csM | dj |
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प्रस्ताव उन मामलों से संबंधित है जो जानने के अयोग्य हैं अथवा उनका संबंध उन मामलों से है जिनकी जानकारी नहीं है, तब हमने अपना समय नष्ट किया है। लेकिन यदि वे अज्ञात है न कि अज्ञेय तो उनसे निपटने के लिए हमारे पास काफी शक्तियां हैं। आप किसी भी प्रविष्टि की चिंता क्यों करते हैं?
माननीय सभापति : मैं श्री नजीरुद्दीन अहमद के संशोधन को मत के लिए प्रस्तुत करूँगा।
(संशोधन अस्वीकार किया गया।)
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* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 31 अगस्त, 1949, पृ. 828