प्रविष्टि 74 - Page 220

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सूची
प्रविष्टि 74

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (बम्बई : साधारण) : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :

“कि प्रविष्टि 74 सूची I के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए :

’74. अंतरराज्यीय नदियों और अंतरराज्यीय नदियों-घाटियों का विनियमन और विकास उस हद तक जहाँ तक संघ के नियंत्रण के अधीन ऐसी विनियमन अथवा विकास संसद द्वारा कानून द्वारा लोक हित में समीचीन घोषित किया जाए।

श्री बृजेश्वर प्रसाद (बिहार : सामान्य) : सभापति महोदय, क्या मैं आपकी आज्ञा से अपना संशोधन पेश करने से पहले एक शब्द कह सकता हूँ? किसी प्रकार कदाचित मेरी गलती के कारण इस संशोधन से एक शब्द गायब है। मैं ’विनियम’ शब्द सम्मिलित करना चाहता हूँ। श्रीमन, मैं पेश करने की आज्ञा चाहता हूँ :

कि संशोधन की सूची के संशोधन संख्या 3562 में प्रविष्टि 74 सूची I की प्रस्तावित के स्थान पर निम्नलिखित रखी जाए :

’74. बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, नौपरिवहन और जल विद्युत शक्ति सहित अंतरराज्यीय जलमार्ग और अंतरराज्यीय नदियों का विनियमन और विकास और दूसरे उद्देश्यों के लिए जहाँ संघ के अधीन ऐसा विकास संसद द्वारा कानून द्वारा आवश्यक अथवा लोक हित में घोषित किया जाए।’

श्रीमन, मैं केवल एक टिप्पणी करना चाहता हूँ कि डॉ. अम्बेडकर के संशोधन की तुलना में मेरा संशोधन अधिक प्रभावशाली है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं कहना चाहूँगा कि श्री बृजेश्वर प्रसाद जो कुछ चाहते हैं मेरे संशोधन में सम्मिलित है और इसलिए इसे स्वीकार करना अनावश्यक है।

(श्री बृजेश्वर प्रसाद ने संशोधन वापिस ले लिया। डॉ. अम्बेडकर का संशोधन स्वीकार कर लिया गया। अनुच्छेद 74 संशोधित रूप में संविधान में सम्मिलित कर लिया गया।)

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 1 सितम्बर, 1949, पृ. 830