प्रविष्टि 88 क - Page 227

206 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

* माननीय सभापति : आपको इस प्रश्न पर भी विचार करना चाहिए कि कहीं यह अनुच्छेद 13 का उल्लंघन तो नहीं करता।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : उस पर हमारे कुछ विचार हैं और यदि आप

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सुनने के लिए तैयार हैं, मैं उन्हें निवेदित करूँगा।

* * * *

** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं आरंभ में कहना चाहूँगा कि व्यवस्था का प्रश्न क्या है अथवा मैंने इसे कैसे समझा है क्योंकि यदि मैं गलत होऊँ तो मैं आरंभ में ही सही होना चाहूँगा। यदि व्यवस्था का प्रश्न यह दिखाई देता है कि तथ्यों के विचार से कि इस सभा ने अनुच्छेद 13 पारित किया है जो मूल अधिकारों का एक भाग है और जो कहता है कि सभी नागरिकों को वाक् या अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य का अधिकार होगा। इस दृष्टि से इस सदन के लिए एक अनुच्छेद पारित करने की छूट है जो अनुच्छेद 13 द्वारा दिए गए मूल अधिकारों को कम करेगा? मैं मानता हूँ कि यही वह बिंदु है जिस पर हमें अब विचार करना है।

इस प्रतिपादन के समर्थन में कि यह सदन किसी प्रकार के प्रस्ताव पर विचार करने से विवर्जित है जिसका परिणाम वाक् स्वातंत्र्य को सीमित करना होगा; संयुक्त राज्य अमरीका के उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का उदाहरण दिया जाता है जिसे मैंने पूरा नहीं पढ़ा है। केवल उसका भाग पढ़ा है। यह कहा गया है कि प्रेस पर लगाया गया कोई कर इस तथ्य की दृष्टि से-मैं संयुक्त राज्य अमरीका की भाषा का प्रयोग कर रहा हूँ- शक्ति बाह्य है कि प्रेस की स्वतंत्रता को कम करती है।

श्री देशबंधु गुप्त : आय कर को छोड़कर ....। फैसले में यही कहा गया है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, अब विशेष मामले के तथ्यों के विवरण

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से यह स्पष्ट नहीं है कि विशेष कर की प्रकृति क्या थी, जिसे लेकर विवाद था और न इस कर विशेष की कठोरता/तीव्रता के बारे में कुछ स्पष्ट है जिसे प्रश्नगत किया गया था। मेरे निर्णय में कर लगाने के अलावा कर की कठोरता यह विचार करने के लिए एक तत्व होगी कि क्या कर शक्ति से बाहर है अथवा नहीं। जैसा मैंने कहा था इस निर्णय में इस महत्वपूर्ण तथ्य का कोई हवाला नहीं है। इसलिए मैं उस फैसले की अनुशंषा करने के लिए तैयार नहीं हूँ।

मैं तर्कों की दूसरी विचार धारा के साथ अग्रसर हो रहा हूँ जो मेरे विचार में सारवान है और जिनकी कोई भी आलोचना नहीं की जा सकती। वह प्रथम बिंदु

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 1 सितम्बर, 1949, पृ. 845

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 1 सितम्बर, 1949, पृ. 848-851