प्रविष्टि 59 - Page 249

228 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

“सामान्य खरीद“ शब्दों के पश्चात् समाचार पत्रों के अतिरिक्त “विज्ञापनों पर कर“ शब्दों के पश्चात् “समाचार पत्रों में मुद्रित के सिवाय शब्द क्रम जोड़ा जाए।“

श्री देशबन्धु गुप्ता (दिल्ली) : मैं सुझाव देता हूँ कि उसे रोक दिया जाय।

माननीय सभापति : यह वही प्रश्न है जिसे कल उठाया गया था। मेरे आदेश से इसे रोका गया था।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं सुझाव देता हूँ कि संशोधन संख्या 122 को एक स्वतंत्र चीज मान लिया जाय जो एक अतिरिक्त प्रविष्टि द्वारा लाया जाए। तब तदनुसार प्रारूपण समिति एक साथ दो कार्य करे, यदि वह ऐसा स्वीकार करें। यह प्रविष्टि उसके अधीन जानी चाहिए। जो लोग प्रविष्टि 122 में रुचि रखते हैं वे इसे अतिरिक्त प्रविष्टि के रूप में लाएं।

माननीय सभापति : जहाँ तक समाचार पत्र व विज्ञापन का सम्बन्ध है आपका मुद्दा छुआ तक नहीं गया।

श्री देशबन्धु गुप्ता : यदि यह महसूस किया जाता है कि प्रारूपण समिति इसका कहीं अन्यत्र प्रबन्ध करे तो भूतकाल को दुहराना कठिन होगा, सदन द्वारा प्रविष्टि पर एक बार फैसला किया जाता है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : तीन सूचियों पर बहस का सारांश निकालने से पूर्व इस विषय को उठाया जाए।

माननीय सभापति : मैं इसे अलग से लेने के लिए आज्ञा देने के लिए तैयार हूँ जब हम 88-क पर चर्चा करेंगे जिसे हमने कल रोका था। इस प्रकार स्थिति यह है कि विज्ञापनों से सम्बन्धित प्रश्न रोक दिए गये थे, लेकिन उसके बाद, इस प्रविष्टि को मतदान के लिए रखा जाए जैसा कि डॉ. अम्बेडकर ने संशोधित किया है।

प्रो. शिब्बनलाल सक्सेना : जब निर्णय लंबित है तो इसे कैसे पारित किया जा सकता है?

श्री देशबन्धु गुप्ता : यदि इसे रोका जाए तो आसान होगा।

माननीय सभापति : अच्छा, इसे रोक दिया जाए। हम इसे 88-क के साथ लेंगे जिसे हमने कल रोक दिया था।

सूची II की प्रविष्टि 58 रोक दी गई।

प्रविष्टि 59

माननीय सभापति : प्रविष्टि 59 -

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मेरा प्रस्ताव है “कि सूची II की प्रविष्टि 59 माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मेरा प्रस्ताव है “कि सूची

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 924