प्रविष्टि 2 क - Page 250

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में निम्नलिखित को अन्त में जोड़ा जाए -

’सूची III की प्रविष्टि 21 को प्रदेशां के अधीन’“

तीसरी सूची में हम कहने जा रहे हैं कि कर लगाने के सिद्धांत बनाने की शक्तियाँ केन्द्र के पास होनी चाहिएं।

(डॉ. अम्बेडकर का प्रस्ताव स्वीकार हुआ। यथा संशोधित 59, राज्य सूची में जोड़ी गई।)

प्रविष्टि-64

* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमान, मेरा प्रस्ताव है कि “सूची II की प्रविष्टि 64 को छोड़ दिया जाए।“

कि इसे समवर्ती सूची में लिया गया।

(प्रस्ताव स्वीकार हुआ। प्रविष्टि 64 सूची II की राज्य सूची से निकाल दी गई।)

प्रविष्टि- 67

** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, यह विषय संविधान के उस भाग में आ जायेगा जिसे हम मौजूद मसौदे में जोड़ने का प्रस्ताव करते हैं, जहाँ सभी भुगतान जो राजाओं को किए जाते हैं का विषय है और वर्तमान के लिए मैं ऐसे संशोधन की कोई आवश्यकता महसूस नहीं करता। मैं समझता हूँ कि मेरे मित्र यह भाग जिसे हम एक संशोधन के द्वारा पेश करना चाहते हैं देखें कि उनके उद्देश्य हमारे प्रस्ताव द्वारा लाये जाएं। यदि नहीं, तो उस भाग के लिए एक संशोधन लाना उचित होगा जब वह भाग सदन के सामने आएगा।

काका भगवन्त राय : श्रीमान, मैं अपना संशोधन वापिस लेना चाहता हूँ।

(सदन की आज्ञा से संशोधन वापिस लिया गया।)

प्रविष्टि 2क

*** माननीय सभापति र : तब हम प्रविष्टि 27-क पर आते हैं। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमान, मेरा प्रस्ताव है :

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 924

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 926

*** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 2 सितम्बर, 1949, पृ. 926