234 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
प्रविष्टि 6 शिशु और नाबालिगों के संदर्भ में हैं, लेकिन यह बात दिमाग में उत्पन्न हुई है कि संपूर्ण प्रविष्टि को यदि लें तो यह स्थिति के बारे में है। जहाँ तक शिशुओं और नाबालिगों की स्थिति का मामला है ये श्रेणियां प्रविष्टि 6 में सम्मिलित की गई हैं लेकिन ’निहायत गरीब और मां-बाप रहित और युवाओं की चिन्ता और सुरक्षा’ उन्हीं माता-पिता से जन्मे की भांति नहीं है।
डॉ. पी.एस. देशमुख : ठीक यही बात थी जिससे मैं एक स्वतंत्र प्रविष्टि पेश करना चाहता था। ये शब्द इस प्रविष्टि 6 में नयी स्थिति में नहीं रखे जा सके। मेरे नाम में एक संशोधन पहले से ही है जो अलग से एक स्वतंत्र प्रविष्टि चाहता है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं उनके द्वारा पेश किए गए संशोधन से तुरंत
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निपटने जा रहा था। ये शब्द प्रविष्टि 6 की नयी स्थिति में नहीं रखे जा सकते थे। इसलिए इस स्तर पर मैं निश्चय ही नये मामले को बदलने के शब्दों को स्वीकार नहीं कर सकता।
अब, श्रीमन, मैं बच्चों की रक्षा के सामान्य प्रश्न को लेता हूँ। इसके बारे में यहाँ कोई शंका नहीं होगी कि सदन में मुझ सहित प्रत्येक सदस्य और प्रारूपण सिमति के सदस्य राज्य द्वारा उपबंधित बच्चों की रक्षा पर कोई आपत्ति कभी करें और यहाँ विचारों का भी अंतर नहीं हो सकता; लेकिन प्रश्न यह है कि क्या प्रारूपण समिति द्वारा तैयार सूची में यह विषय पहले से नहीं आया है। इन प्रविष्टियों को बनाने में हमने जो कुछ जिक्र किया है और कानून के विषयों को श्रेणीबद्ध किया है कानून के उद्देश्य को नहीं।
बच्चों की रक्षा ही उद्देश्य है जिसे प्राप्त करना विधान का उद्देश्य है यदि कुछ हालात में वह सोचता है कि उन्हें ऐसा करना ही है। प्रश्न यह है कि क्या इनमें से किसी प्रविष्टि के अधीन राज्य के लिए उन उद्देश्यों को प्राप्त करना संभव नहीं होगा जैसे बच्चों की रक्षा।
मुझे यह दिखाई देता है कि इन प्रविष्टियों में से कोई जो सूची II में शामिल है बच्चों की रक्षा के लिए बनाए जाने वाले कानूनों में राज्य द्वारा प्रयुक्त की जा सकती है। उदाहरण के लिए, सूची II के प्रविष्टि 2 के अधीन न्याय प्रशासन, राज्य के लिए बच्चों के लिए किशोर अदालतें खोलने की स्वतंत्रता होगी। अर्थात् स्थापित करने की स्वतंत्रता होगी।
डॉ. पी.एस. देशमुख : मेरा यह मतलब नहीं है। मैंने कभी किशोर अदालत के लिए नहीं कहा।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : उदाहरण के लिए, जेलें और सुधारक और