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डॉ. पी. एस. देशमुख : तब आप “मजदूरों का कल्याण“ क्यों चाहते हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : आप कुछ धैर्य क्यों नहीं रखते? मैं अपना काम जानता हूँ। क्या आपका मतलब यह है कि मैं अपना कार्य नहीं जानता? मैं निश्चय ही अपना कार्य जानता हूँ।
डॉ. पी.एस. देशमुख : मैं आपका व्यवहार जानता हूँ। प्रत्येक व्यक्ति को बेवकूफ बनाने की कोशिश मत कीजिए।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यहाँ पहले से ही एक प्रविष्टि है जो राज्यों को केवल कृषि के बारे में ही कल्याण कार्य करने की शक्ति नहीं देती बल्कि कृषकां के बारे में भी। इसके अतिरिक्त हमारे पास प्रविष्टि 24 है जिसमें यह व्यवस्था की गई है कि “अधिकार में अथवा भूमि पर, जमींदार और किसान के सम्बन्धों सहित विधि बनायी जानी चाहिए। किसानों के सभी आर्थिक हित इस प्रविष्टि में आएंगे। इसलिए जहाँ तक प्रविष्टियों का सम्बन्ध है यहाँ कुछ भी नहीं है जो राज्य सरकार को कृषक श्रेणियों के कल्याण के कार्य करने की कमी अवगत कराये।
तब मैं अपने मित्र श्री सिधवा द्वारा उठाये गये प्रश्न पर आता हूँ जो मैं समझता हूँ सही प्रश्न है। छोटा सा प्रश्न था जो “श्रम“ शब्द का निर्वचन था और उन्होंने मुझसे बिल्कुल निश्चित प्रश्न किया था कि क्या श्रमिक का अर्थ दोनों औद्योगिक और कृषि सम्बन्धी है। मैं समझता हूँ यही उनका प्रश्न था। मेरा स्पष्ट उत्तर है कि इसमें दोनों प्रकार के श्रम सम्मिलित हैं। प्रविष्टि का उद्देश्य औधोगिक श्रम तक सीमित नहीं है। श्रम कल्याण से सम्बन्धित किसी प्रकार का कार्य चाहे श्रम औधोगिक हो अथवा कृषि सम्बन्धी प्रविष्टि संख्या 26 के अधीन केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा।
उसी प्रकार कार्य की दशाएं भविष्यनिधि, नियोजक का दायित्व, कर्मकार प्रतिकर, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन ये सभी विषय इसी प्रकार के श्रम से सम्बन्धित हांगे चाहे वह औद्योगिक श्रम है या कृषि सम्बन्धी श्रम। इसलिए जहाँ तक इस प्रविष्टि सं. 26 का सम्बन्ध है औद्योगिक श्रम तक सीमित होने का कोई मतलब नहीं है, इसलिए इस प्रकार का संशोधन जो मेरे मित्र श्री देशमुख ने पेश किया है पूर्णतः अनावश्यक है इसके होने के साथ मुझे कानूनी तात्पर्य नहीं बताया जा सकता है -
डॉ. पी. एस. देशमुख - क्या इस देश में कृषि श्रमिकों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों की श्रेणी नहीं है। क्या कभी डॉ. अम्बेडकर ने “कृषक“ और “कृषक श्रमिक“ का नाम सुना है ?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : उनका कल्याण प्रान्तीय सूची की प्रविष्टि 21 व 24 के अधीन किया जाएगा जैसा मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूँ।