240 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(डॉ. पी. एस. देशमुख का संशोधन अस्वीकार किया गया। डॉ. अम्बेडकर का संशोधन अपनाया गया। यथा संशोधित प्रविष्टि 27 समवर्ती सूची में जोड़ी गई।)
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* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमान, मेरा प्रस्ताव है “कि सूची III की
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प्रविष्टि 27 के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाए -
’27 रोजगार नियोजन और बेकारी“
संशोधन स्वीकार किया गया।
यथा संशोधित प्रविष्टि 27 समवर्ती सूची में जोड़ी गई।
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** उपसभापति : अब मैं प्रश्न रखूंगा।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं एक शब्द कहना चाहता हूँ “कर्मकार संघ“
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शब्द श्रम कल्याण के सम्बन्ध में बहुत बड़ा अर्थ रखता है और केवल औद्योगिक संगठनों के कर्मकार संघों को ही सम्मिलित नहीं करेगा बल्कि खेतिहर सम्मिलित नहीं करेगा बल्कि श्रमिकों को भी सम्मिलित करेगा। ऐसा होने से, मुझे शंका है कि उद्योग शब्द को सम्मिलित करके हम “कर्मकार संघ“ शब्दों का क्षेत्र व अर्थ सीमित करने की कोशिश तो नहीं कर रहे। लेकिन मैं कोई संशोधन पेश नहीं कर रहा हूँ। प्रारूपण समिति के लिए एक अवसर सुरक्षित करके रखूंगा इस पर विचार करने के लिए और जांच करने के लिए। मैं चाहता हूँ कि प्रविष्टि जैसी ऐसी समय है वेसी बनी रहे। मैंने अपनी शंका प्रकट कर दी है कि “कर्मकार संघ“ के विस्तृत अर्थ में प्रविष्टि का एक भाग संशोधन चाहेगा।
उपसभापति : डॉ. अम्बेडकर के कहने के अनुसार प्रविष्टि 28 को मैं मत के लिए पेश करता हूँ। प्रश्न है :-
“कि प्रविष्टि 28 सूची III का भाग बनी।
(प्रस्ताव स्वीकार हुआ।)
प्रविष्टि 28 समवर्ती सूची में जोड़ी गई।
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 3 सितम्बर, 1949, पृ. 946
** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 3 सितम्बर, 1949, पृ. 947