250 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : संपूर्ण गड़बड़ी यही है। यह प्रविष्टि मूल
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रूप से सूची II में थी। यहाँ एतराज था कि इसे सूची II में नहीं होना चाहिए किंतु इसे सूची I में होना चाहिए। मैं इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ यदि वे ऐसा चाहते हैं।
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श्री देशबंधु गुप्ता : श्रीमन, सूचना के बिंदु पर क्या मुझे पूछना चाहिए, दूसरी सूची में प्रविष्टि 58 का क्या होगा जिसे कल रोक दिया गया था? माननीय सभापति : वह जाएगी।
श्री देशबंधु गुप्ता : उसे कल इसलिए रोका गया था कि ये दोनों साथ जाएंगी।
माननीय सभापति : इसे इसलिए रोका गया था क्योंकि यहाँ एक संशोधन था जो इसे सूची II में स्थानांतरित करना चाहता था। यदि इसे सूची I में पारित किया जाता है तब वह संशोधन व्यर्थ होगा।
श्री देशबंधु गुप्त : ये दो संशोधन हैं। यहाँ एक है कि यह सूची I में स्थानांतरित होनी चाहिए और दूसरा प्रविष्टि 58 का क्षेत्र निश्चित करेगा। संशोधन कल रोक दिया गया था क्योंकि उस समय यह विषय सदन के सम्मुख नहीं था। इन्हें एक साथ जाना चाहिए।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हूँ।
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वे एक साथ नहीं जाते। मैं इन्हें स्वीकार करने से मना करता हूँ।
माननीय सभापति : यहाँ एक संशोधन संख्या 122 था, उस पर विचार करना इस संशोधन के कारण रोक दिया गया था।
यदि संशोधन जिसे अभी तुरंत पेश किया गया है स्वीकार किया जाता है तब उस मामले में संशोधन संख्या 122 खराब होता है। बेकार होता है। और सदन के सामने प्रस्ताव डॉ. अम्बेडकर का प्रस्ताव होगा जैसे संशोधन संख्या 121।
श्री रामनाथ गोयनका : क्या यहाँ अनुवर्ती संशोधन सूची II में नहीं होगा? राज्य सूची में राज्य को कुछ निश्चित शक्तियाँ बिक्री पर कर तथा विज्ञापन पर कर के लिए दी गई हैं। यदि इसे सूची I में स्थानांतरित कर दिया जाता है, तो अनुवर्ती संशोधन जिसकी सूचना हमने दी है.......
माननीय सभापति : सूचना है कि इसे सूची 1 में सम्मिलित किया जाए। यदि इसे सूची 1 में लिया जाता है तब यह बाहर चला जाता है।