253
को सुनकर चुपचाप लाया गया कि उन्होंने इस संशोधन को लाकर सब गड़बड़ कर दिया।
श्री रामनाथ गोयनका : जैसा डॉ. अम्बेडकर का सुझाव है कि हमने गड़बड़ कर दी है, हम इसमें से मार्ग चाहते हैं।
(रुकावट)
माननीय सभापति : मैं देखता हूँ कि इस विषय में बहुत भावना है। इसलिए अच्छा होगा कि इसे किसी अन्य दिन लें, जब भावनायें कुछ शांत हो जाएँ......
पांचवीं अनुसूची
* माननीय सभापति : हम पांचवीं अनुसूची पर विचार करेंगे। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (बम्बई : सामान्य) : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
कि पांचवीं अनुसूची के स्थान पर निम्नलिखित अनुसूची रखी जाए :
अनुच्छेद 244(1)
अनुसूचति क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में
उपबंध :
भाग क
साधारण
- निर्वचन : इस अनुसूची में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,
’राज्य’ पद के अंतर्गत ....... (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम) राज्य
नहीं है।
के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य की कार्यपालिका शक्ति का
विस्तार उसके अनुसूचित क्षेत्रों पर हैं
| jkT; | iky | & |
|---|
अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राष्ट्रपति को राज्यपाल-या शासक
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 3 सितम्बर, 1949, पृ. 965-967