भाग ग - अनुसूचित क्षेत्र - Page 277

256 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(4) इस पैरा के अधीन बनाए गए सभी विनियम राष्ट्रपति के समक्ष तुरंत प्रस्तुत किए जाएंगे और जब तक वह उन पर अनुमति नहीं दे देता है तब तक उनका कोई प्रभाव नहीं होगा।

भाग ग
अनुसूचित क्षेत्र
  1. अनुसूचित क्षेत्र - (1) इस संविधान में, ’अनुसूचित क्षेत्र’ पद से ऐसे क्षेत्र
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अभिप्रेत हैं जिन्हें राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्र घोषित करे।

(2) राष्ट्रपति किसी भी समय आदेश द्वारा -

(क) निदेश दे सकेगा कि कोई संपूर्ण अनुसूचित क्षेत्र या उसका कोई विनिर्दिष्ट भाग अनुसूचित क्षेत्र या ऐसे क्षेत्र का भग नहीं रहेगा;

(कक) किसी राज्य के किसी अनुसूचित क्षेत्र के क्षेत्र को उस राज्य के राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात बढ़ा सकेगा;

(ख) किसी अनुसूचित क्षेत्र में, केवल सीमाओं का परिशोधन करके ही, परिवर्तन कर सकेगा;

(ग) किसी राज्य की सीमाओं के किसी परिवर्तन पर या संघ में किसी नए राज्य के प्रवेश पर या नए राज्य की स्थापना पर ऐसे किसी क्षेत्र को, जो पहले से किसी राज्य में सम्मिलित नहीं हैं, अनुसूचित क्षेत्र या उसका भाग घोषित कर सकेगा;

(घ) किसी राज्य या राज्यों के संबंध में इस पैरा के अधीन किए गए आदेश या आदेशों को विखंडित कर सकेगा और संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श करके उन क्षेत्रों को, जो अनुसूचित क्षेत्र होंगे, पुनः पर निश्चित करने के लिए नए आदेश कर सकेगा।

और ऐसे किसी आदेश में ऐसे आनुषंगिक और परिणामिक उपबंध हो सकेंगे जो राष्ट्रपति को आवश्यक और उचित प्रतीत हों, किंतु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय इस पैरा के उपपैरा (1) के अधीन किए गए आदेश में किसी पश्चातवर्ती आदेश द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।