भाग घ - अनुसूची का संसोधन - Page 279

258 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

kfr ;
d k
i z”k k l u
fu ; a=.
भाग 2
अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन और नियंत्रण
  1. जनजाति सलाहकार परिषद - (1) ऐसे प्रत्येक राज्य में, जिसमें अनुसूचित

क्षेत्र हैं और यदि राष्ट्रपति ऐसा निर्देश दें तो, किसी ऐसे राज्य में भी जिसमें

अनुसूचित जनजातियाँ हैं किंतु अनुसूचित क्षेत्र नहीं है, एक जनजाति

सलाहकार परिषद स्थापित की जाएगी जो बीस से अधिक सदस्यों से

मिलकर बनेगी जिनमें से यथाशक्ति निकटतम तीन चौथाई उस राज्य

की विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधि होंगेः

परन्तु, यदि उस राज्य की विधान सभा में अनुसूचित जनजातियों के

प्रतिनिधियों की संख्या जनजाति सलाहकार परिषद में ऐसे प्रतिनिधियों से

भरे जाने वाले स्थानों की संख्या से कम है तो शेष स्थान उन जनजातियों

के अन्य सदस्यों से भरे जाएंगे।

(2) जनजाति सलाहकार परिषद का यह कर्त्तव्य होगा कि वह उस राज्य

की अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति से संबंधित ऐसे

विषयों पर सलाह दे जो उसको राज्यपाल या शासक द्वारा निर्दिष्ट

किए जाएं।

(3) राज्यपाल या शासक :

(क) परिषद के सदस्यों की संख्या को, उनकी नियुक्ति की और

परिषद के अध्यक्ष तथा उसके अधिकारियों और सेवकों की

नियुक्ति की रीति को;

(ख) उसके अधिवेशनों के संचालन तथा साधारणतया उसकी

प्रक्रिया को, और

(ग) अन्य सभी आनुषंगिक विषयों को,

यथास्थिति विहित या विनियमित करने के लिए नियम बना सकेगा।

  1. अनुसूचित क्षेत्रों को लागू विधि - (1) इस संविधान में किसी बात के होते

हुए भी, यथास्थिति राज्यपाल या शासक लोक अधिसूचना द्वारा निदेश

दे सकेगा कि संसद का या उस राज्य के विधानमंडल का कोई विशिष्ट

अधिनियम उस राज्य के अनुसूचित क्षेत्र या उसके किसी भाग को लागू