भाग घ - अनुसूची का संसोधन - Page 280

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नहीं होगा अथवा उस राज्य के अनुसूचित क्षेत्र या उसके किसी भाग को ऐसे अपवादों और उपांतरणों के अधीन रहते हुए लागू होगा जो वह अधिसूचना में विनिर्दिष्ट करे और इस उपपैरा के अधीन दिया गया कोई निदेश इस प्रकार दिया जा सकेगा कि उसका भूतलक्षी प्रभाव हो।

(2) राज्यपाल या शासक किसी राज्य में किसी ऐसे क्षेत्र की शांति और

सुशासन के लिए विनियम बना सकेगा जो तत्समय अनुसूचित क्षेत्र

हैः

(क) ऐसे क्षेत्र की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनमें

भूमि के अंतरण का प्रतिषेध या निर्बंधन कर सकेंगे;

(ख) ऐसे क्षेत्र की जनजातियों के सदस्यों को भूमि के आबंटन का

विनियमन कर सकेंगे;

(ग) ऐसे व्यक्तियों द्वारा जो ऐसे क्षेत्र की अनुसूचित जनजातियों

के सदस्यों को धन उधार देते हैं साहूकार के रूप में कारोबार

करने का विनियमन कर सकेंगे।

(3) ऐसे किसी विनियम को बनाने में जो इस पैरा के उपपैरा (2) में निर्दिष्ट

है, राजपाल या प्रशासक संसद् के या उस राज्य के विधानमंडल

के अधिनियम का या किसी विद्यमान विधि का, जो प्रश्नगत क्षेत्र

में तत्समय लागू है, निरसन या संशोधन कर सकेगा। (4) इस पैरा के अधीन बनाए गए सभी विनियम राष्ट्रपति के समक्ष

तुरंत प्रस्तुत किए जाएंगे और जब तक वह उन पर अनुमति नहीं

दे देता तब तक उनका कोई प्रभाव नहीं होगा।

भाग 3
अनुसूचित क्षेत्र
  1. अनुसूचित क्षेत्र-(1) इस संविधान में, “अनुसूचित क्षेत्र“ पद से ऐसे क्षेत्र
Col1 Col2

अभिप्रेत हैं जिन्हें राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्र घोषित करे।

(2) राष्ट्रपति किसी समय आदेश द्वारा -

(क) निदेश दे सकेगा कि कोई संपूर्ण अनुसूचित क्षेत्र या उसका

कोई विनिर्दिष्ट भाग अनुसूचित क्षेत्र या ऐसे क्षेत्र का भाग

नहीं रहेगा।

(ख) किसी अनुसूचित क्षेत्र में, केवल सीमाओं का परिशोधन करके