भाग घ - अनुसूची का संसोधन - Page 287

266 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संशोधन है जिससे मेरा सम्बन्ध है, मैं महसूस करता हंँ कि उन्होंने कुछ गंभीर तर्क दिए हैं। वह कहते है कि सम्पूर्ण जनजाति क्षेत्र असम प्रान्त से उठा लिया जाएं और उसे संघ शासित क्षेत्र बना दिया जाएं क्योंकि संशोधन का कोई प्रभाव नहीं हो सकता जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया है सिवाय इसके जो मैंने सुझाये हैं। इसका अर्थ है उसे संघ-शासित क्षेत्र बनाना। लेकिन यह प्रतीत होता है कि वह दो चीजें भूल गये हैं पहली यह है। यद्यपि हमने स्वायत्तशासी जिले इस उद्देश्य के लिए उन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातियों के लोगों के संतोष के लिए बना दिये हैं कि किसी प्रकार इस वर्ष के लिए अपने क्षेत्र की सरकार में स्वायत्तता रखेंगे, हमने अब यहाँ व्यवस्था की है कि असम राज्य का भाग स्वायत्तशासी जिले नहीं होंगे ऐसा होने से, राज्य के भाग को राज्य के राज्यपाल द्वारा शासित होने के लिए छोड़ना और राज्य के एक भाग को संघ शासित क्षेत्र छोड़ना बहुत कठिन है।

दूसरा मुद्दा जिसे वह भूल गये हैं यह है, वह इस तथ्य पर ध्यान देना भूल गये हैं कि स्वायत्तशासी क्षेत्र बनाने में भी प्रारूपण समिति यह नहीं भूली है कि यहाँ जिन्हें सीमाप्रान्त कहा जाता है वे भी हैं जो स्वायत्तशासी जिलों की सीमा बनाते हैं इस अनुसूची में यहाँ व्यवस्था की गई है कि जहाँ तक असम के सीमा क्षेत्र के प्रशासन का सम्बन्ध है राज्यपाल राष्ट्रपति के अधीन कार्य कर रहा होगा। परिणामस्वरूप, जो भी सामरिक महत्व का सीमाप्रान्त क्षेत्र का होगा, केन्द्र के पास यह देखने के लिए बहुत बड़ा क्षेत्र होगा कि गड़बड़ी फैलाने वाला कोई भी तत्व जिसका उनहोंने हवाला दिया है, वहाँ स्थान न पा सके। इसलिए मैं सोचता हूँ कि वे सभी संशोधन अनावश्यक एवं गलत स्थान पर हैं।

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श्री कुलाधर चाल्हिया : क्या संशोधन संख्या 139 स्वीकृत है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं बिना तैयारी के इस समय कुछ भी नहीं

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कह सकता। मैं आपके तथा श्री वृजेश्वर प्रसाद के संशोधन के बारे में बात कर रहा हूँ और मैं समझता हूँ कि वे अनावश्यक है।

माननीय सभापति : और संशोधन सं. 139 अभी तक बिल्कुल भी पेश नहीं हुआ है। यह पैरा 14 के बारे में है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जब हम पैरा 14 पर पहुँचेंगे है, तब इस पर

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चर्चा करेंगे।

(डॉ. अम्बेडकर का संशोधन जैसा ऊपर उल्लेख किया गया स्वीकार हुआ। दूसरे अस्वीकृत हुए। यथा संषोधित पैरा प् छठी अनुसूची में जोड़ा गया।)