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कुंजरू की कठिनाई की बात करूँ, मैं सोचता हूँ कि मेरे आदरणीय मित्र श्री चाल्हिया के संशोधन के उद्देश्य को स्पष्टतः नहीं समझे हैं। श्री चाल्हिया का संशोधन यह है, “किसी जिला अथवा क्षेत्रीय परिषद जनजाति क्षेत्र का जोड़ना अथवा अलग करना, “हमें कहना चाहिए कि जिला अथवा क्षेत्रीय परिषद के अधिकार क्षेत्र को थोड़ा कम करना। यह है जिसके बारे में श्री चाल्हिया बोल रहे हैं। मेरे आदरणीय मित्र जो कह रहे हैं यह एक क्षेत्र का स्वशासी जिले से एक साथ अलग करना और असम के सामान्य क्षेत्र में जोड़ना। यह दोनों भिन्न विषय हैं।
पंडित हृदयनाथ कुंजरू : उस विषय पर रिपोर्ट करने के लिए आयोग को क्यों न कहा जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : आयोग को रिपोर्ट करने की शक्तियाँ प्राप्त हैं। यदि मेरे आदरणीय मित्र उपबन्ध को पढे़ंगे तो उन्हें निम्नलिखित जानकारी मिलेगी, “विषय पर विचार करने के लिए आयोग नियुक्त करना चाहिए“। कोई विषय मैं पैरा 1 में रखे गये उपबन्धों को भी सम्मिलित करेंगे और वे निश्चित तौर पर वर्णित किये गये हैं “राज्य में स्वशासी जिले के प्रशासन से सम्बन्धित उसके द्वारा निश्चित किये गये अथवा स्वशासी जिले के प्रशासन पर समय-समय पर जांच करने और सूचना देने के लिए आयोग की नियुक्ति जिस निश्चित विषय को सम्मिलित करता है, वह है “कोई विषय“। मैंने अपना संशोधन संख्या 134, इसे पूर्णतः स्पष्ट करने के लिए न कि और “कोई विषय“ शब्दों के निर्वचन के लिए।
मैंने अब विर्निदिष्ट रूप से जिक्र किया है कि इनमें इस अनुसूची के पैरा 1 के उपपैरा (3) के खण्ड (क), (ख), (ग), (घ) और (ड.) की अन्तर्वस्तु से अच्छी तरह परिचित है लेकिन जो मैं कहता हूँ वह यह है कि आयोग जिसकी नियुक्ति स्वशासी क्षेत्र के प्रशासन के विषय में होगी मुझे नहीं दिखाई देता कि उसे जनजाति क्षेत्र में पहले से सम्मिलित क्षेत्र की यह रिपोर्ट करने की शक्ति प्राप्त होगी कि उसे इससे पृथक कर दिया जाए और साधारण प्रशासित क्षेत्र में मिला दिया जाए।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मेरे आदरणीय मित्र को कथित तालिका के पैरा (3) के खंड (घ) को देखना चाहिए।
पंडित हृदयनाथ कुंजरू : आयोग की शिफारिशों पर विचार किए बिना इसे करने से पूर्व संसद को आयोग की रिपोर्ट रखनी चाहिए लेकिन अब यह पूर्णतः प्राप्त की गई जानकारी की शक्ति पर इस विषय में कार्रवाई करेगी।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह वह विषय है जो राज्यपाल की क्षमता में नहीं आता, जैसा पारित किया गया है, जनजाति क्षेत्र से क्षेत्र को अलग करना वह