नया पैरा 16 क - Page 309

288 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

शब्दों के स्थान पर “विधानमण्डल द्वारा सुनने का अवसर’’। क्षेत्रीय सभा के विचारों को रखने का एक अवसर स्थान “शब्द“ स्थापन किये जायेंगे तभी इस संशोधन का उद्देश्य पूरा होगा।

श्री कुलाधर चाल्हिया : मैं इसे करने के लिए तैयार हूँ।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्री चाल्हिया के संशोधन के संशोधनों पर

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बारदोलोई के संशोधन को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ जिसे उन्होंने स्वीकार किया है। नियम अब इस प्रकार पढ़ा जायगा :

“परन्तु इससे अधिक कि राज्य की विधानमण्डल के सम्मुख अपने विचार रखने के लिए जिला अथवा क्षेत्रीय सभाओं को जैसा भी मामला हो एक अवसर दिये बिना इस पैरा के खण्ड (ख) के अधीन कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी।’’ माननीय सभापति : प्रश्न हैः

“छठी अनुसूची के पैरा 16 के नियम दो के स्थान पर निम्नलिखित रखा जायः

“परन्तु इससे अधिक यह कि राज्य के विधानमण्डल के सम्मुख अपने विचार रखने के लिए जिला और क्षेत्रीय परिषद को जो भी हो, कोई अवसर दिये बिना, इस पैरा के खण्ड (ख) के अधीन कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी।’’

(संशोधन स्वीकार हुआ।)

(पैरा 16 संशोधित रूप में 16वी अनुसूची में जोड़ा गया।)

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नया पैरा 16-क

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं पेश करने की इजाजत चाहता

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हूँ :

“कि पैरा 16 के पश्चात् निम्नलिखित पैरा रखा जाय :-

“16-क स्वशासी जिलों में चुनाव क्षेत्र बनाने में स्वाशासी जिलों से क्षेत्रों को अलग करना-असम की विधानसभा के चुनाव के प्रयोजन के लिए, राज्यपाल आदेश द्वारा घाषित कर सकेगा कि स्वशासी जिले में कोई क्षेत्र ऐसे किन्हीं जिलों के लिए आरक्षित सभा में सीट या सीटों को भरने के लिए किसी चुनाव क्षेत्र का भाग तो नहीं होगा िंकन्तु सभा में इस प्रकार न आरक्षित सीट या सीटों को भरने के लिए चुनाव क्षेत्र का भाग होगा जो आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाएगा।’’