294 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
और सूचना है, जैसे, असम के प्रधानमंत्री और उनके साथी श्री निकोल्स रॉय। यदि वे अपनी प्रज्ञा में सोचते हैं कि कुछ दूसरे विषय सम्मिलित किए जाएं तो निश्चय ही प्रारूपण समिति कोई एतराज नहीं करेगी, क्योंकि प्रारूपण समिति को इस विषय में कुछ भी नहीं करना है।
श्री रोहिनी कुमार चौधरी : क्या यह नहीं है कि गैर-जनजाति लोग जो शिलांग में रहते हैं, इस विषय में कोई आवाज नहीं है? माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : किस विषय में?
श्री रोहिनी कुमार चौधरी : जिस भी विषय पर आप अब बात करें।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं मुद्दा नहीं समझ सका। हमने जो कुछ किया है वह यह है कि इस भाग में रहने वाले लोगों को दोहरे अधिकार हैं। वे शिलांग नगरपालिका में अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार रखते हैं और जिला सभाओं में उनको अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार होगा। इसके परे, अधिकार क्षेत्र बिल्कुल अलग हैं। मैं नहीं समझता कि यहाँ कोई दूसरा बिन्दु है जहाँ तक इस नये पैराग्राफ 19 का सम्बन्ध है।
श्री रोहिनी कुमार चौधरी : सूचना के मुद्दे पर, जो सदस्य अब बोल रहे हैं क्या उनका कहना है कि वे लोग शिलांग में आदरणीय निकोल्स रॉय द्वारा पूर्णतः मार्गदर्शित हैं।
माननीय सभापति : उन्होंने दीमापुर के बारे में कुछ भी नहीं कहा है। वह श्री बारदोलोई द्वारा प्रश्न के बारे में कार्य कर रहे हैं कि पैरा 10, उपपैरा (2) खण्ड (घ) नियम में जोड़ दिए जाएँ।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मुझे कोई एतराज नहीं है। हम मामला उनके लिए छोड़ते हैं। यदि वे सोचते हैं कि कुछ मामले सम्मिलित किये जाएं, हम क्यों एतराज करेंगे? हम उनकी सलाह पर कार्य कर रहे हैं।
पंडित हृदयनाथ कुंजरू : क्या इस मुद्दे पर मैं डॉ. अम्बेडकर से पूछ सकता हूँ? क्या प्रारूपण समिति अथवा श्री बारदोलोई और आदरणीय जे.जे.एम. निकोल्स रॉय जिन्होंने असम की जनजाति क्षेत्र समिति की रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए हैं शिलांग नगरपालिका सीमा के अन्दर रहने वाले जनजाति के लोगों की स्थिति बदलने के बारे में पूछने के लिए कोई प्रतिनिधि मिले हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैंने उनके परिचय के अक्षरों पर कोई एतराज नहीं किया है और न मैंने जांच की है कि क्या उन्होंने ऐसे प्रतिनिधित्व से अपने को मजबूत किया है।