अनुच्छेद 282-ख - Page 324

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तब सदन को स्पष्टीकरण देने की स्थिति में होऊँगा जो उन संशोधनों का निपटारा करने के लिए आवश्यक हो।

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* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ मेरे मित्र ने मुद्दे पर काफी कह दिया और उन्हें जारी रहने की आवश्यकता नहीं है। हमने उनके मुद्दे को समझ लिया है। हमें आज कम से कम एक अनुच्छेद पूरा कर लेना चाहिए।

डॉ. मनमोहन दास : यदि यह बात है तो मैं बन्द हो जाता हूँ।

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** माननीय सभापति : आदरणीय सदस्य (श्री कामथ) अपनी समय-सीमा पार कर गये हैं। क्या डॉ. अम्बेडकर बोलना चाहेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं किसी भी संशोधन को स्वीकार नहीं करता।

(सभी संशोधन अस्वीकार किए गए।)

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अनुच्छेद 282-ख

*** श्री आर. के. सिधवा : हम बैठने व समाप्त करने के लिए तैयार हूँ। हम सात अथवा आठ घंटे बैठ सकते हैं।

माननीय सभापति : यह संभव नहीं है। हम आठ घंटे नहीं बैठ सकते। आखिरकार हम मनुष्य मात्र की भांति कार्य करते हैं। हम मशीन की भांति कार्य नहीं कर सकते। इसलिए मैं नहीं समझता कि यह संभव होगा। डॉ. अम्बेडकर आप क्या कहते हैं, क्या आज दोपहर बाद बैठना संभव है ?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं आशा करता हूँ कि मंत्रिमंडल की बैठक से साढ़े पांच बजे वापिस आ जाऊँगा यदि उसके पश्चात् सदन दो घंटे बैठने के लिए तैयार है, मैं तैयार हूँ लेकिन हमारी एक मसौदा समिति की बैठक साढ़े पांच बजे से आगे होगी क्योंकि जब तक हम तैयार नहीं होते अनुच्छेदों के साथ जिनको

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 7 सितम्बर, 1949, पृ. 1090

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 7 सितम्बर, 1949, पृ. 1090

*** ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 7 सितम्बर, 1949, पृ. 1094