318 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कंद्रीय संपत्ति पर कर नहीं लगाती उन पर कर लगाने में समर्थ बनाएँ।
बाबू रामनारायण सिंह : डॉ अम्बेडकर ने कहा कि संसद बाद में स्थानीय निकायों की मांग पर विचार करेगी। मैं जानना चाहाता हूँ कि इस संविधान को तुरंत पारित करने का प्रभाव क्या होगा? उदाहरण के लिए, मेरे प्रदेश बिहार में कुछ जिला बोर्ड,
खासतौर से हजारीबाग का जिला बोर्ड राजकीय कोयला खानों से पथ कर का बहुत बड़ा धन लेता है। क्या मैं जान सकता हूँ कि जैसे ही संविधान पारित होगा, यह भुगतान बंद हो जाएगा अथवा यह भुगतान उस समय तक होता रहेगा जब तक इस पर संसद का फैसला नहीं होता।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, व्यक्तिगत कर जो लगाए जा रहे हैं मैं उन पर कोई राय व्यक्त नहीं कर सकता किंतु सामान्य प्रतिपादन स्पष्ट है कि यदि कोई नगरपालिका अथवा स्थानीय बोर्ड कर लगा रहा है तो केंद्र सरकार की संपत्ति पर वह कर लगाता रहेगा और ऐसी ही दूसरी संपत्ति कर लगाने योग्य मानी जाएगी। उन नगरपालिकाओं की स्थिति में कोई अंतर नहीं होगा जो उन करों को लगा रही हैं।
श्री बी. के. सिधवा : वर्तमान में भारतीय रेलवेज टैक्सेशन एक्ट के अधीन एक अधिसूचना स्थानीय संस्थाओं की घटनाओं पर कर भुगतान के बारे में जारी होने वाली है। क्या मैं जान सकता हूँ क्या डॉ. अम्बेडकर विचार करने के लिए तैयार हैं कि वह भाग संशोधित होना चाहिए? वास्तव में यह यहाँ संशोधित नहीं हो सकता परंतु क्या रेलवे सदस्य से कोई आश्वासन है कि यह संसद में संशोधित होने जा रहा है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं चाहता हूँ मेरे मित्र श्री सिधवा रेलवे टैक्सेशन एक्ट से उचित पाठ ग्रहण कर चुके हैं। संसद ने स्वतः (अपने आप) एक अधिनियम पारित करके अनुज्ञा दी कि रेलवे की संपत्ति पर स्थानीय संस्थाओं द्वारा कर लगाना चाहिए। कोई संसद स्वतः ही अपनी संपत्ति स्थानीय संस्थाओं द्वारा कर लगाने के लिए निवेदन कर सकती है और यहाँ शंका करने का कोई कारण नहीं है कि संसद उसी प्रकार कर लगाने के लिए स्वतः अपनी दूसरी संपत्ति नहीं देगी। यदि रेलवे प्रापर्टी टैक्सेशन एक्ट सही ढंग से लागू नहीं हुआ है। अथवा यदि उसमें कोई कमी है तो संसद इसे संशोधित करने के लिए स्वतंत्र है और मैं मानता हूँ कि श्री सिधवा भी न्यायालय में जाने के लिए और भुगतान किया धन प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि यह भुगतान करने योग्य होता है और रेलवे प्रोपर्टीज टैक्सेशन ऐक्ट के अधीन देय है।