नया अनुच्छेद 265 क - Page 340

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(श्री सिधवा ने अपना संशोधन वापिस लिया। अनुच्छेद 264 डॉ. अम्बेडकर के संशोधन से संशोधित रूप में स्वीकार हुआ और संविधान में जोड़ा गया।)

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अनुच्छेद 265

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :

“कि अनुच्देद 265 में ’एक संघ रेलवे’ के लिए जहाँ कहीं भी ये आते हैं ’कोई रेलवे’ शब्द रखे जाएं।“

यह उन बदलाव पर कर मुख्यतः पारिणामिक है जो हमने अनुसूची VII की सूची I में किए हैं।

(संशोधन स्वीकार किया गया। अनुच्छेद 265 संशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया।)

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265d Col2
नया अनुच्छेद 265क

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मेरा प्रस्ताव है :

“कि अनुच्छेद 265 के पश्चात् निम्नलिखित अनुच्छेद रखे जाएँ :

प्रधिकरणों की दशा में 265क. (1) सिवाय वहाँ तक जहाँ तक राष्ट्रपति 265क. (1)

कुछ पानी या विद्युत के आदेश द्वारा अन्यथा उपबंध करे इस संविधान के प्रारंभ प्रधिकरणों की दशा में

संबंध में राज्य कराधान से ठीक पहले किसी राज्य में प्रवृत्त विधि, पानी या विद्युत कुछ पानी या विद्युत के

छूट के बारे में अंतर्राज्यीय नदियों के विनियमन या विकास के संबंध में राज्य कराधान

लिए किसी वर्तमान विधि से, अथवा संसद द्वारा बनाई गई छूट

किसी विधि से, स्थापित किसी प्राधिकरण द्वारा जमा की गई, पैदा की गई, उपयुक्त, वितरित या बेची गई है, कोई कर अधिरोपित नहीं करेगी और न अधिरोपित करना प्राधिकृत करेगी।

स्पष्टीकरण : इस खंड में ’प्रवृत्त विधि’ से वही अर्थ है जो इस संविधान के अनुच्छेद 307 में है।

*. सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 8 सितम्बर, 1949, पृ. 1949