320 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद के निम्नलिखित पैरा में मैं कुछ नये शब्द आपकी आज्ञा से लाना चाहता हूँ और उन शब्दों के साथ पेश करता हूँ :
(2) राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा खंड (1) में वर्णित कर अधिरोपित कर सकेगा या अधिरोपित करना प्राधिकृत कर सकेगा, किंतु ऐसी किसी विधि का तब तक कोई प्रभाव न होगा जब तक कि उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए रक्षित रखे जाने के पश्चात् उसकी अनुमति न मिल गई हो तथा यदि ऐसी कोई विधि ऐसे करों की दरों और अन्य प्रासंगिक बातों को किसी प्राधिकारी द्वारा उस विधि के अधीन बनाए जाने वाले नियमों या आदेशों के द्वारा नियत करने का उपबंध करती है तो विधि ऐसे किसी नियम या आदेश के बनाने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सम्मति लिए जाने का उपबंध करेगी।
(नया अनुच्छेद 265-क संविधान में जोड़ा गया।)
| vE | csMd | j |
|---|
अनुच्छेद 266
“कि अनुच्देद 266 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद रखा जाए :
- (1) राज्य की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट होगी। राज्यों की संपत्ति और आय (2) इस अनुच्छेद के खंड (1) की कोई बात संघ राज्यों की संपत्ति और आय
को संघ के कराधान से को राज्य की सरकार द्वारा की ओर से किए जाने वाले छूट किसी प्रकार के व्यापार या कारोबार के बारे में अथवा
उनसे संबंधित किन्ही क्रियाओं के बारे में, अथवा उनके छूट
प्रयोजनों के लिए उपयोग में आने वाली या आधिपत्य में किसी संपत्ति के बारे में अथवा उनसे प्रोदभूत या उत्पन्न होने वाली किसी आय के बारे में, किसी कर को ऐसे विस्तार तक यदि कोई हो, जिसे कि संसद विधि द्वारा उपबंधित करे, अधिरोपित करने या अधिरोपित करना प्राधिकृत करने से निवारित नहीं करेगी।
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* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 9 सितम्बर, 1949, पृ. 1153