अनुच्छेद 202 - Page 346

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माननीय सभापति : इसके लिए यहाँ कोई संशोधन नहीं है मैं इसे मत के लिए

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रखूंगा।

प्रश्न है :

“कि अनुच्छेद 250 के खंड (1) में उपखंड (घ) के पश्चात् निम्नलिखित उपखंड जोड़ दिया जाए।

(ड.) स्टाक एक्सचेंज और सट्टा बाजार में संव्यवहारों पर स्टाम्प शुल्क से भिन्न

भावी कर;

(च) समाचार पत्रों और उसमें प्रकाशित विज्ञापनों की बिक्री अथवा खरीद पर

कर’“

(संशोधन स्वीकार हुआ।)

* * * *
अनुच्छेद 202

माननीय सभापति : अनुच्छेद 202 ।

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“कि अनुच्छेद 202 के खंड (1) में शब्द ’जारी करने के पश्चात’ किसी व्यक्ति अथवा उचित मामलों में सम्मिलित उन क्षेत्रों के अंतर्गत कोई राज्य शब्द रखे जाएं।

मैंने कहा था कि अनुच्छेद 202 के लिए एक संशोधन पेश करने में पारिणामिक संशोधन आवश्यक होगा। इसलिए मैं संशोधित अनुच्छेद 202 पेश कर रहा हूँ जो इस प्रकार पढ़ा जाएगाः

“इस संविधान के अनुच्छेद 25 में किसी बात के होते हुए भी, प्रत्येक उच्च न्यायालय को उस सम्पूर्ण राज्यक्षेत्र में जिसकी बाबत अपनी अधिकारिता का प्रयोग करता है किसी व्यक्ति अथवा प्राधिकरण को जिसके अंतर्गत समुचित मामलों में उन राज्यक्षेत्रों में कोई सरकार भी है, किसी अन्य प्रयोजन के लिए इस संविधान के भाग III द्वारा दिए गए अधिकारों में से किसी के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण परमादेश, अधिकार पृच्छा तथा उत्प्रेषण रिट की प्रकृति के निदेश या आदेश जारी करने की शक्ति होगी।“

यह केवल पारिणामिक है।