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माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह केवल स्थिति का संकेत करती है।
(प्रस्ताव पारित किया गया नया अनुच्छेद 242-क संविधान में जोड़ा गया।)
संशोधन संख्या 72-क
* * * *
* माननीय सभापति : संशोधन संख्या 172-क
| la | [; |
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| 372&d | Col2 |
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माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
“कि अनुच्छेद 239 के ऊपर शीर्षक और अनुच्छेद 239, 240, 241 और 242 विलुप्त कर दिया जाए।“
इनकी पूर्ति अनुच्छेद 242-क के द्वारा हो जाती है इसलिए अनावश्यक है।
माननीय सभापति : क्या इस संशोधन के बारे में कोई कुछ कहने के लिए तैयार है।
(प्रस्ताव स्वीकार किया गया।)
अनुच्छेद 239 और अनुच्छेद 239, 240, 241 और 242 विलुप्त किए गए।
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अनुच्छेद 248-क, 263 और 263-क
** माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं तीन संशोधन 380, 381 और
| EcsM | dj |
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382 करना पसंद करूंगा जो तीन नये अनुच्छेद होंगे और मैं संशोधन संख्या 382 से आरंभ करता हूँ क्यांकि शेष पारिणामिक हैं। माननीय सभापति : बहुत अच्छा।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
“कि अनुच्छेद 263 के पश्चात् निम्नलिखित नया अनुच्छेद रखा जाए :
263क. लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा - ऐसी सभी धनराशियां, जो :
*. सीएडी, खण्ड IX, 9 सितम्बर, 1949, पृ. 1188
** ख्., वही, पृ. 1188-90