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प्रारूप संविधान
नया भाग XIV- क (जारी)
नया भाग
क (जारी)
* माननीय सभापति : मैं समझता हूँ यही सब संशोधन हैं। यदि मैंने कोई छोड़ दिया है तो यह सदस्य जिसने संशोधन की सूचना दी है इशारा कर दें अन्यथा वे सभी की इजाजत से वापिस लिए जाएँ। मुंशी द्वारा रखे गए संशोधन पेश करूँगा। लेकिन एक संशोधन पैराग्राफ पर संख्या डालने के बारे में श्री त्यागी का है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह वह विषय है जिसपर हम बाद में विचार करेंगे।
श्री महावीर त्यागी : श्रीमन, इसे स्वीकार किया जा चुका है।
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** श्री टी.टी. कृष्णमाचारी : श्रीमन सदन की कार्यवाही बंद होने से पूर्व मैं यह सुझाव देना चाहूँगा कि आप अनुच्छेद 99 और 184 को मतदान के लिए रखें जो रह गए हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : नहीं, नहीं यह आज के आदेश सूचीक्रम पत्र में नहीं हैं।
माननीय सभापति : आज शाम की कार्यवाही यहीं बंद होती है, लेकिन सदन स्थगित करने से पूर्व मैं धन्यवाद के कुछ शब्द कहना चाहूँगा। मैं समझता हूँ कि हमने एक अध्याय संविधान के लिए स्वीकार किया है जिसके संपूर्ण देश के निर्माण में दूरगामी परिणाम होंगे। हमारे इतिहास में इससे पूर्व संपूर्ण शासन और प्रशासन की मान्यता प्राप्त एक भाषा नहीं रही.....
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नया अनुच्छेद 112-ख
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (बम्बई : सामान्य) : सभापति महोदय, मेरा
प्रस्ताव है :
“कि अनुच्छेद 112-क के पश्चात् निम्नलिखित नया अनुच्छेद रखा जाए :
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 14 सितम्बर, 1949, पृ. 1485
** ख्., वही, पृ. 1489